दरोगा के खिलाफ परिवाद दर्ज करने का आदेश
न्यायालय ने कमिश्नरेट के दो उप-निरीक्षकों के खिलाफ आभूषण गबन मामले में परिवाद दर्ज करने का आदेश दिया है। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट मनीष कुमार की अदालत ने यह कदम पीड़िता सीता चौहान के प्रार्थना पत्र और साक्ष्यों के आधार पर उठाया। जगतगंज निवासी सीता चौहान ने अपने अधिवक्ता के माध्यम से कोर्ट में गुहार लगाई।
पीड़िता का आरोप है कि 28 फरवरी 2025 को एक अन्य मामले की जांच के दौरान दरोगा अभिषेक त्रिपाठी और जागृति गिरी ने उन्हें और आराधना नामक महिला को जबरन थाने में रखा। दरोगाओं ने उनके घर वालों को डराया और मां के पुराने पुश्तैनी गहने मंगवा लिए।
पुलिस ने इन गहनों को चोरी का माल बताया, जबकि पीड़िता के पास चेतमणि ज्वेलर्स के पक्के बिल मौजूद थे। पीड़िता के होने वाले पति सूरज से भी शादी के लिए बनवाए गए गहने जांच के नाम पर छीन लिए गए। आरोप है कि दरोगा अभिषेक त्रिपाठी ने सादे कागजों और सहमति पत्रों पर जबरन हस्ताक्षर करवाए ताकि गहनों को हड़पा जा सके। जेल से छूटने के बाद जब सीता और उनके परिवार ने आभूषण वापस मांगे, तो उन्हें गालियां दी गईं और जान से मारने व दोबारा जेल भेजने की धमकी दी गई।