पुलिस की जांच
पुलिसकर्मियों ने चालक से वाहन हटाने और चालान किए जाने की बात कही। इस पर युवक ने खुद को प्रेस रिपोर्टर बताते हुए हिंदी दैनिक के नाम से बना आईकार्ड दिखाया। पूछताछ में उसने अपना नाम अनुभव आनंद पांडेय (30) पुत्र पवन कुमार पांडेय, निवासी पांडेयपुर मिल्की, डेढ़वलिया, थाना धानापुर, चंदौली बताया।
पुलिस के मुताबिक वाहन पर पुलिस लिखा होने के संबंध में पूछताछ करने पर युवक ने खुद को उत्तर प्रदेश पुलिस का उप निरीक्षक बताया और पुलिस का आईकार्ड दिखाया। कार्ड पर उसका पद सब इंस्पेक्टर, जन्मतिथि 20 अक्तूबर 1992, वैधता 31 दिसंबर 2043 और पीएनओ नंबर अंकित था। पीएनओ नंबर के बारे में संतोषजनक जवाब नहीं देने पर पुलिस ने कड़ाई से पूछताछ की। इसके बाद उसने फर्जी आईकार्ड बनवाने की बात स्वीकार की।
चार मोबाइल लेकर चलता था
तलाशी में दो कूटरचित आईकार्ड, पुलिस की टोपी-वर्दी और चार मोबाइल फोन मिले। दूसरे आईकार्ड में उसे चंदौली का ब्यूरो चीफ दर्शाया गया था। मोबाइल में एप्पल, सैमसंग, वीवो और सोनी के फोन शामिल हैं।
पुलिस के अनुसार आरोपी ने बताया कि वह एमबीए तक पढ़ा है और बेरोजगार है। टोल शुल्क और पुलिस के चालान से बचने के लिए उसने अपनी मर्जी से फर्जी पुलिस आईकार्ड तैयार किया था। स्कॉर्पियो उसने अपने चचेरे भाई पंकज प्रसून पांडेय की बताई।
पुलिस ने आरोपी को रात करीब 10:20 बजे गिरफ्तार किया। दोनों फर्जी आईकार्ड और चारों मोबाइल फोन सील कर दिए गए। स्कॉर्पियो को मोटर वाहन अधिनियम की धारा 207 के तहत सीज किया गया। आरोपी के खिलाफ बीएनएस की धारा 204, 336 और 340(2) में कार्रवाई की गई है।