यूपी के मऊ जिले के एक गांव में सनसनीखेज घटना घटी। मधुबन क्षेत्र के लखनौर गांव में बुधवार शाम एक युवक ने पत्नी की गला घोंटकर और दो मासूम बेटियों को पानी भरे टब में डुबोकर मार डाला। वारदात के बाद युवक ने खुद ही डायल 100 पर फोन करके पुलिस को सूचना दी और बताया कि वह नदी में डूबकर आत्महत्या करने जा रहा है।
सूचना के बाद पुलिस सक्रिय हुई और खोजबीन की तो युवक की बाइक तुर्तीपार घाघरा पुल पर खड़ी मिली। राहगीर और पान विक्रेता ने युवक के घाघरा में कूूदने की पुष्टि की है। देर शाम पुलिस अधीक्षक ललित कुमार सिंह ने मौके पर पहुंचकर मुुआयना किया। घटना का कारण आर्थिक तंगी बताया जा रहा है।
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लखनौर गांव निवासी लक्ष्मी शंकर मौर्या स्वास्थ्य विभाग में 102 एंबुलेंस का चालक था। उसकी तैनाती बलिया जिले के सीएचसी सीयर पर थी। लक्ष्मी शंकर मौर्य परिवार को अपने साथ बेल्थरारोड़ में किराए का मकान लेकर साथ रखता था। उसके परिवार में पत्नी डिंपल (28) के साथ दो बेटियां तीन साल की स्काई और सात माह की श्री थी।
ग्रामीणों की मानें तो दोपहर में 12 बजे के करीब लक्ष्मीशंकर अपने परिवार के साथ बेल्थरारोड़ से बाइक से पैतृक गांव लखनौर स्थित घर पहुंचा। यहां उसने दो मंजिला मकान में अपनी पत्नी की गला घोंटकर तथा दोनों पुत्रियों को प्रथम तल पर रखे पानी भरे टब में डुबोकर मार डाला। इसके बाद घर में ताला बंद करके निकल गया।
शाम को करीब चार बजे युवक ने अपने मोबाइल से 100 डायल पर फोन से सूचना दी। तत्काल पुलिस पहुंची और आसपास के लोगों के सहयोग से घर का ताला तोड़ा गया। घर में तीनों की लाशें पड़ी मिलीं। पुलिस अधीक्षक ललित कुमार सिंह ने बताया कि प्रथम दृष्टया लग रहा है कि लक्ष्मीशंकर आर्थिक संकट से जूझ रहा था।
इसके चलते उसने यह कदम उठाया। उन्होंने बताया कि लक्ष्मीशंकर की बाइक तुर्तीपार स्थित घाघरा नदी के पुल से बरामद हुई है। राहगीरों और पान के दुकानदार ने लक्ष्मीशंकर के नदी में छलांग लगाने की पुष्टि की है। बेल्थरा रोड संवाददाता के अनुसार दो माह पूर्व लक्ष्मीशंकर का अपने प्रोजेक्ट मैनेजर मधुरेंद्र शुक्ला से विवाद हो गया था। इसके बाद उसे निलंबित कर दिया गया था।
घटना को देख और सुनकर लोग थे अवाक
हृदय विदारक घटना को देखने और सुनने वाले सभी थे अवाक
- फोटो : amar ujala
मधुबन के लखनौर में हुई मां बेटी की हत्या और हत्या करने वाला मरने वालों के रिश्ते में पिता और पति होना सुनकर लोग अवाक थे। तिहरे हत्याकांड की सूचना मिलने पर मौके पर पहुंचे गांव के लोग शवों को देखकर लक्ष्मीशंकर के इस हरकत पर विश्वास नहीं कर रहे थे।
जबकि दूर दराज के लोग इस घटना को सुनकर हतप्रभ थे, कि कोई व्यक्ति ऐसा कैसे कर सकता है। कि वह अपने कलेजे के टूकड़ों को एक झटके में मौत के घाट उतार दे। लेकिन देर शाम हत्यारोपी युवक के नदी मे छलांग लगाने की सूचना मिलने पर लोग घटना के पीछे की वजह को तलाशने में जुटे थे।
प्रथम दृष्टया आर्थिक तंगी मान रहीं पुलिस
पुलिस अधीक्षक ललित कुमार सिंह ने बताया कि प्रथम दृष्टया घटना का कारण आर्थिक तंगी सामने आई है, लेकिन फिर भी पुलिस मामले की गहराई से जांच करेगी। बोले पूरी घटना केे एक साथ जोड़ने पर जो सामने आया है, उसमें युवक बीमारी और नौकरी जाने के दंश से ग्रसित था।
लेकिन दूसरी तरफ देखा जाए तो उसके पास इतनी पैतृक संपत्ति थी, कि वह आराम से परिवार का भरण पोषण कर सकता था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद युवक केे द्वारा उठाए गए इस विभित्स कदम की पुलिस गहराई से जांच करेगी।
नौकरी जाने से डिप्रेशन में था लक्ष्मीशंकर
घटना स्थल पर पुलिस
- फोटो : amar ujala
मधुबन थाना क्षेत्र के लखनौर गांव में बुधवार की शाम पत्नी और अपनी मासूम बच्चियों को मौत के घाट उतार कर खुद भी घाघरा नदी में छलांग लगाने वाला लक्ष्मीशंकर मौर्य घर से काफी संपन्न था। लेकिन कमर दर्द की बीमारी से ग्रसित होने के बाद नौकरी जाने से काफी तनाव ग्रस्त हो चला था।
लक्ष्मीशंकर के तनावग्रस्त रहने की पुष्टि उसके सीएचसी के अधीक्षक डा. जीपी चौधरी ने की। बोले लक्ष्मीशंकर बात बात पर लोगों से विवाद कर लेता था। दूसरी तरफ एक घटना में तीन की जान गई, लेकिन हलकान तीन जिले की पुलिस है।
पत्नी डिम्पल 30 और पुत्रियों स्काई तीन और सोनू छह माह की हत्या करने वाला लक्ष्मीशंकर मौर्य मूलरुप से मऊ जिले के मधुबन थाना क्षेत्र के लखनौर गांव का निवासी है, वह तीन भाईयों में सबसे छोटा है। पिता की मौत के बाद भी तीनों भाईयों के बीच बंटवारा नहीं हुआ था। बड़ा भाई रविशंकर मौर्य कोलकत्ता के हाबड़ा में परिवार के साथ रहता था। इसी क्रम में दूसरे नंबर का विजय शंकर मौर्य गुड़गांव में परिवार के संग रहता है।
इसी घर में दिया गया वारदात को अंजाम
- फोटो : amar ujala
लक्ष्मीशंकर स्वास्थ्य विभाग में संविदा पर 102 एबुलेंस चलाता था। उसकी तैनाती बलिया के सीएचसी सीयर पर थी। उसके पिता सुखलाल मौर्य रेलवे में नौकरी करते थे। इस दौरान पिता ने लखनौर गांव में दो मंजिला मकान बनवा रखे थे। तीनों भाईयों के बाहर रहने से घर में ताला बंद रहता था।
पड़ोसी मोती यादव ने बताया कि लक्ष्मीशंकर के तीन बीघा जमीन थी, जिस पर लक्ष्मीशंकर समय समय पर घर आकर खेती करता था। ग्रामीणों से मिली जानकारी के अनुसार छह माह से लक्ष्मीशंकर कमर दर्द से परेशान था। इस दौरान वह अपना उपचार कराने के लिए कोलकत्ता तक गया।
डाक्टरों ने उससे गाड़ी चलाने के लिए मना कर दिया था। इस पर वह गाड़ी चलाने से परहेज करने लगा था। इसको लेकर दो माह पूर्व उसका प्रोजेक्ट मौनेजर मधुरेंद्र शुक्ला से विवाद हो गया था। विवाद के चलते दो माह पूर्व उसे निलंबित कर दिया गया था। इस दरम्यान उसका कई लोगों से विवाद होना बताया गया।
पुलिस का अनुमान है कि इन झंझावतों से ऊबे लक्ष्मीशंकर ने यह कदम उठाया होगा? दूसरी तरफ लक्ष्मीशंकर बलिया जिले के बेल्थरा रोड में किराए के मकान में रहता था, जबकि मऊ के मधुबन थाना क्षेत्र स्थित लखनौर गांव में युवक ने अपनी पत्नी और बच्चियों को मौत के घाट उतारा।
इसके बाद खुद लक्ष्मीशंकर की बाइक देवरिया जिले के मईल थाना क्षेत्र में घाघरा नदी पुल पर मिली। इतना ही नहीं स्थानीय लोगों ने बाइक सवार लक्ष्मीशंकर के पुल से घाघरा नदी में छलांग लगाने की पुष्टि किया है।