वाराणसी। अनुसूचित जाति का दर्जा देने की मांग को लेकर मल्लाहों ने मंगलवार की दोपहर अस्सी घाट से जुलूस निकाला। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय दफ्तर के सामने नारेबाजी की गई।
मल्लाह नेताओं का कहना था कि अनुसूचित जाति में शामिल न किए जाने से दबे कुचले समाज के मल्लाह, निषाद, बिंदों को फायदा नहीं मिल पा रहा है। यह प्रदर्शन राष्ट्रीय निषाद संघ के आह्वान पर किया गया।
अस्सी घाट से दोपहर बाद निषाद कल्याण समिति, युवा बिंद समाज समिति, राजभर महासभा के बैनर तले आए बिंद, मछुआरा, मल्लाहों ने जुलूस निकाल कर हक के लिए आवाज उठाई।
प्रधानमंत्री के संसदीय कार्यालय के समक्ष राष्ट्रीय निषाद संघ के सचिव चौधरी लौटन राम निषाद ने कहा कि भाजपा, कांग्रेस, सपा और बसपा ने वोट के लिए मल्लाह, केवट, बिंद, माझी, गोड़िया, तुरहा, रायकवार, मछुआ जातियों को पिछड़ी जाति से हटाकर अन्य राज्यों की भांति अनुसूचित जाति में शामिल कराने का वादा तो किया लेकिन हुआ कुछ नहीं। इस वजह से इन जातियों को आरक्षण का लाभ नहीं मिल पा रहा है।
केंद्र सरकार को इस पर विचार करना चाहिए। दिल्ली प्रदेश के तूफानी निषाद ने तट रक्षक बल, जल पुलिस में मल्लाह-मछुआरों की भर्ती के लिए आवाज उठाई। इस प्रदर्शन में परशुराम निषाद, राजकुमार बिंद, अजय राजभर, जितेंद्र निषाद, दीपक कुमार बिंद, विनोद निषाद, शंभूलाल निषाद, भोलानाथ निषाद, मुरारी कश्यप, पुरुषोत्तम निषाद, हिमाचल साहनी, विनोद साहनी, विजय कुमार बिंद, शशिभूषण कश्यप, अशोक साहनी, विजय कुमार बिंद, डॉ. दरोगा निषाद, बनारसी निषाद, राजेंद्र निषाद, अतुल निषाद, मनोज निषाद शामिल थे।