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UP: गंगा की लहरों, रिमझिम फुहारों के बीच मालिनी ने ली कजरी की क्लास, लग्जरी क्रूज पर युवाओं ने सीखी बारीकियां

Wed, 29 Jul 2026 12:10 PM IST
Pragati Chand अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।

सार

Varanasi News: 'रिमझिम बरसे बदरिया' कार्यशाला में युवा गायकों ने कजरी, दादरा, झूला, ठुमरी सीखने का अनुभव लिया। लोकगायिका पद्मश्री मालिनी अवस्थी ने गंगा की लहरों, रिमझिम फुहारों के बीच कजरी की क्लास ली। 
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गंगा की लहरों पर मालिनी ने ली क्लास - फोटो : अमर उजाला
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गंगा की लहरों, रिमझिम फुहारों के बीच मालिनी ने कजरी की क्लास ली। देश-विदेश के युवा संगीतकारों ने गंगा में लग्जरी क्रूज की सवारी कर कजरी, दादरा, झूला, ठुमरी सीखने का अनुभव लिया वो भी कजरी के ह्रदयस्थल मिर्जापुर में। पांच दिवसीय कार्यशाला ''रिमझिम बरसे बदरिया'' के चौथे दिन बारिश के चलते बड़ा रूहानी हो गया। मंगलवार को लोकगायिका पद्मश्री मालिनी अवस्थी ने अपने लोक धुनों की मनमोहक फुहारों से नवांकुर गायकों में संगीत का मधुर बयार घोल दिया। उन्हें उसी प्रकृति में ले जाकर कजरी की बारीकियों से रूबरू कराया। अब बुधवार को गुरु पूर्णिमा पर इस पांच दिवसीय जीवंत कार्यशाला का समापन हो जाएगा। 

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क्रूज पर देश-विदेश से आए विद्यार्थियों को कजरी गायन का प्रशिक्षण शुरू किया गया है। इस कार्यशाला में मालिनी अवस्थी ने नए विद्यार्थियों और संगीत के अन्य विधाओं से जुड़े कलाकारों को कजरी के अवतरण से उसके उठान तक की कहानी सुनाई। गंगा की गोद में इसका अभ्यास भी कराया। उनकी हर बंदिश पर निकला स्वर क्रूज के हिंडोले के तरंग में घुलमिल सा गया। उन्होंने बताया कि कजरी केवल सुरों का संगीत नहीं, बल्कि प्रकृति की अनुभूति है।

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मालिनी ने बताया कि शुरुआती तीन कार्यशालाएं मिर्जापुर में आयोजित की गई थीं, क्योंकि कजरी का उद्गम स्थल मिर्जापुर को माना जाता है। इसके बाद चुनार, चंदौली और राजदरी जैसे प्राकृतिक स्थलों पर भी कार्यशालाएं आयोजित हुईं। इस वर्ष गुरु पूर्णिमा पर काशी को चुना गया।

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कजरी कार्यशाला का सफर पिछले छह वर्षों से शुरू है। इस पहल का उद्देश्य नई पीढ़ी को लोकसंगीत की समृद्ध परंपरा से जोड़ना और कजरी की विरासत को आगे बढ़ाना है। इस कार्यशाला में देश के विभिन्न राज्यों के अलावा विदेशों से 56 प्रतिभागी प्रशिक्षण ले रहे हैं। इनमें सिंगापुर के साथ भागलपुर, हैदराबाद, उदयपुर, अहमदाबाद, प्रयागराज, लखनऊ, कानपुर, दिल्ली, आगरा, गोरखपुर सहित देश के कई शहरों से संगीत प्रेमी शामिल हुए हैं।
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