वाराणसी। डीजल रेल इंजन निर्माण में नए-नए कीर्तिमान बना रहा डीरेका (डीजल इंजन रेल कारखाना) अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘मेक इन इंडिया’ मुहिम को आगे बढ़ाएगा।
यह कारखाना इंजन निर्माण में अब पूरी तरह आत्मनिर्भर बनेगा। इंजन निर्माण से जुड़े सभी पार्ट्स यहीं तैयार किए जाएंगे। 286 करोड़ रुपये की लागत वाली इस योजना की शुरुआत स्वयं प्रधानमंत्री 25 दिसंबर को डीरेका स्थित स्टेडियम में बटन दबाकर करेंगे।
रेल विकास निगम वर्कशाप को अत्याधुनिक बनाने का काम 27 महीने में पूरा कर लेगा। इंजन निर्माण के लिए नवीनतम तकनीक पर आधारित सभी जरूरी संसाधन यहां मुहैया कराए जाएंगे।
नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र स्थित डीएलडब्ल्यू रेल इंजन निर्माण से जुड़े कुछ पार्ट्स बाहर से मंगाता है जैसे इंजन का क्रैंकेस इत्यादि। अब डीरेका अपने वर्कशाप में ही इनका निर्माण करेगा।
इसके लिए उन वर्कशाप का दायरा बढ़ेगा, जिनके अंदर जगह कम है। साथ ही, पार्ट्स निर्माण से जुड़ी अत्याधुनिक मशीनें भी स्थापित की जाएंगी।
यही नहीं लोडिंग, अनलोडिंग से जुड़ी कई मशीनों की स्थापना भी इस योजना के अंतर्गत होगी। पहले फेज में 236 करोड़ खर्च किए जाएंगे। दूसरे फेज में कारखाने की स्थापित उत्पादन क्षमता 200 से बढ़ाकर 250 की जानी है।
वर्कशाप को अत्याधुनिक बनाकर जहां एक ओर डीरेका को इंजन निर्माण में पूरी तरह से आत्मनिर्भर बनाने की योजना है तो वहीं कई हाथों को रोजगार भी उपलब्ध होगा।
25 दिसंबर को प्रधानमंत्री जब इस योजना का शिलान्यास करेंगे तब इस पूरी योजना का उद्देश्य ऑडियो-विजुअल माध्यम से दिखाया जाएगा। क्षमता विकास का यह कार्य पूरी तरह से अत्याधुनिक तकनीक पर आधारित होगा ताकि श्रम, समय और धन तीनों की बचत हो सके।