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बड़ा खुलासा: कुंती जगते की जमीन पर बसे मिले चार मुस्लिम परिवार, मकान के साथ ही बनवाई दुकान; नया खुलासा

Thu, 30 Apr 2026 05:26 AM IST
Aman Vishwakarma अमर उजाला नेटवर्क, सोनभद्र।

सार

Sonbhadra News: यह मामला उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले का है। जांच करने टीम पहुंची तो खुद को किरायेदार बताते हुए बचाव की जुगत लगाई जाने लगी। कुंती के पति, बेटा-बेटी दोनों मुस्लिम पाए गए। उन्होंने कहा कि उसने स्वेच्छा से तनवीर से शादी कर रखी है।
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सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : संवाद
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विस्तार
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सोनभद्र के दुद्धी कोतवाली क्षेत्र के बघाड़ू में छत्तीसगढ़ की आदिवासी महिला से शादी करके उसके जरिये आदिवासी समाज की जमीन हथियाने और उस पर दूसरी जगह से आए मुस्लिम परिवारों के बसाने के मामले में नया खुलासा हुआ है। 

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मौजूदा धार्मिक पहचान छिपाकर कुंती जगते के नाम पर खरीदी गई जमीन पर सुंदरी के रहने वाले चार मुस्लिम परिवारों के आबाद मिलने और उस पर मकान के साथ ही दुकान बनवाने की पुष्टि हुई है। कुंती ने भी मुस्लिम पति और बेटे-बेटी के मुस्लिम होने के साथ ही स्वेच्छा से पति-पत्नी के रूप में रहने की बात स्वीकार की है। तहसीलदार की रिपोर्ट में सामने आई जानकारियों के बाद एसडीएम की तरफ से न्यायालय में मुकदमा दर्ज कर सुनवाई की प्रक्रिया तेज कर दी गई है।

इस मामले में बघाड़ू के बीडीसी सदस्य लोकनाथ ने डीएम से शिकायत की थी और आरोप लगाया था कि उनके चाचा बैजनाथ की जमीन तथ्यों को छिपाते हुए खरीद ली गई। बघाड़ू निवासी तनवीर ने छत्तीसगढ़ की आदिवासी महिला कुंती जगते से शादी की। बच्चों का नाम मुस्लिम धर्म के अनुसार रखा लेकिन सार्वजनिक तौर पर कुंती की आदिवासी पहचान बनाए रखते हुए उसके नाम से जनजाति समाज की जमीन खरीद ली। 

इस जमीन को सुंदरी गांव से विस्थापित होकर आए चार मुस्लिम परिवारों को रहने के लिए दे दिया गया। मामला सामने आया तो जांच टीम बघाड़ू पहुंची। इससे पता चला कि जिस जमीन की खरीद की गई है उस पर सुंदरी से विस्थापित होकर आए गुलाम सरवर, जाकिर हुसैन, मुस्तकीम अंसारी और मुहम्मद इमरान मकान-दुकान बनवा कर रह रहे हैं।
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हालांकि जब टीम ने उनसे इस बारे में पूछताछ की तो उन्होंने खुद को किरायेदार बताना शुरू कर दिया जबकि बिजली कनेक्शन उनके ही नाम पर था। कुंती से जब टीम मुलाकात की तो उसने भी उसकी जमीन पर आबाद परिवारों को किरायेदार ठहराने की कोशिश की। हालांकि उसने इस बात को स्वीकार किया कि उसके पति मुस्लिम हैं। 

उसका बेटा भी मुस्लिम है। उसने स्वेच्छा से तनवीर के साथ पति-पत्नी के रूप में रहने की बात भी स्वीकारी। जब टीम ने गांव के लोगों से बात की तो पता चला कि कुंती की जमीन पर कोई किरायेदार नहीं है बल्कि खुद ही उन्होंने अपना मकान-दुकान बना रखा है। जांच टीम ने कुंती से शादी किस रीति रिवाज से की गई इसका प्रमाण मांगा लेकिन उपलब्ध नहीं कराया गया। 

तहसीलदार ने रिपोर्ट में कहा कि ग्रामीणों से जो जानकारी मिली है उसके मुताबिक सिर्फ बचाव के लिए किरायेदार का भ्रम फैलाया जा रहा है। कुंती ने न तो उक्त जमीन पर कभी कोई घर बनाया न ही वह कभी उस पर काबिज रही। अब एसडीएम दुद्धी निखिल यादव की कोर्ट में प्रकरण को वाद के रूप में दर्ज कर सुनवाई की जा रही है। जल्द ही निर्णय आने की उम्मीद है।
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