गंगा में नाव हादसे को देखते हुए कमिश्नरेट पुलिस ने नाव पर जीवन रक्षक उपकरण रखने की सख्त हिदायत दी है। हालांकि इसका पालन कहीं नहीं हो रहा है। ललिता घाट पर टले हादसे प्रकरण में नाव पर जीवन रक्षक उपकरण नहीं थे। लाइफ जैकेट, टायर, रस्सी कुछ भी नहीं था और नाविक ने क्षमता से अधिक पर्यटकों को बैठाया था। इसी वजह से नाव में पानी भरने लगा था। अगर नाव बीच गंगा में होती तो बड़े हादसे से इनकार नहीं किया जा सकता था।