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वाराणसी का हाल: नए शहर में नहीं पहुंच पाती डाक, मकानों को नहीं मिले नंबर; सटीक पता नहीं बता पाते लोग

Thu, 26 Feb 2026 01:23 PM IST
प्रगति चंद अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।

सार

Varanasi News: वाराणसी में सीमा विस्तार में 84 नए गांवों को शामिल किया गया है, जिसके बाद नगर निगम में कुल 100 वार्ड हो गए। लेकिन, नए शहर में मकानों के नंबर न मिलने से लोग अपने घरों का सटीक पता नहीं बता पाते हैं। 
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varanasi city - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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वाराणसी नगर निगम की सीमा विस्तार के 1000 दिन बृहस्पतिवार को पूरे हुए। सीमा विस्तार में 84 नए गांवों को शामिल किया गया। इसके बाद नगर निगम में कुल 100 वार्ड हो गए। बीते 1000 दिनों में न तो नए शहरी क्षेत्रों को मकान नंबर मिल पाया है, न ही बुनियादी सुविधाएं ही मयस्सर हुई हैं। 

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नए शहरी क्षेत्रवासियों को आज तक मकान नंबर तक आवंटित नहीं हो सके, जबकि सभी भवनों का सर्वेक्षण कर उनकी जियो टैगिंग 2023 में ही कराई जा चुकी है। मकान नंबर न होने के कारण आज भी इस क्षेत्र के लोग अपने घर का सटीक पता नहीं बता पाते। 

यही कारण है कि डाकिए या कूरियर बॉय पता पूछने के लिए भटकते हैं। साल 2023 में हुए नगर निकाय चुनाव के दौरान परिसीमन में बदलाव किया गया। इसके पूर्व नगर निगम सीमा 90 वार्ड की हुआ करते थे। 
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परिसीमन में बदलाव के बाद 84 नए गांवों को शहरी सीमा में शामिल किया गया। इसके बाद नगर निगम में कुछ वार्डों को खत्म कर और कुछ का विलय कर 10 नए वार्ड बनाए गए, जिसके बाद वार्डों की सीमा 100 हो गई। 

84 गांवों को शहरी क्षेत्र बने 1000 दिन बीत गए, लेकिन वहां व्यवस्थाओं में कोई बदलाव देखने को नहीं मिला। न तो क्षेत्रों में सड़कें चलने योग्य हैं, न ही सीवर की पाइपलाइन बिछाई गई। स्ट्रीट लाइटें भगवान भरोसे हैं, और नल से जल का भी कुछ पता नहीं है। हालांकि कुछ दिन पूर्व ही नए विस्तारित क्षेत्रों में घर-घर सफाई और कूड़ा उठान की व्यवस्था लागू की गई है।

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केस 1
वार्ड संख्या 24 रमदत्तपुर गोईठहां जाने वाला मुख्य मार्ग बीते छह महीने से अधिक समय से खराब है। क्षेत्र निवासी राजेश उपाध्याय ने बताया कि पूरी सड़क पर काफी गड्ढे हैं। इस क्षेत्र में बसी कॉलोनियों को जोड़ने वाले लिंक मार्ग भी क्षतिग्रस्त हैं।

केस 2
वार्ड संख्या 42 के नाथूपुर गांव जाने वाले रास्ते का हाल भी बीते कई दिनों से बदहाल है। क्षेत्र के दिलीप पटेल, संतोष शर्मा, डॉ. सुरेंद्र आदि ने बताया कि यह सड़क कई दिनों से खराब है। इसके लिए शिकायत भी की गई, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।

केस 3
वार्ड संख्या 4 शिवदासपुर स्थित लोहता के अधिकतर गलियों में सीवर का पानी भर गया है। मुबारक रहीमपुर आदि क्षेत्रों में पानी भरा दिखा। स्थानीय लोगों ने बताया कि नगर निगम से शिकायत की गई है, लेकिन अभी तक कोई काम नहीं हुआ। सीवर की दुर्गंध से लोग परेशान हैं।

केस 4
वार्ड संख्या 44 सिंहपुर गांव व मुगदलपुर में जल निकासी के लिए बने नालों की हालत खस्ता है। रिंगरोड से श्रीनगर बाजार तक बने सड़क के दोनों ओर नालों का हाल बेहाल है। नालियां प्रधानी बजट से बनी थीं, जिसमें इनकमिंग तो है लेकिन आउटगोइंग बंद है। इस कारण पूरा सीवर ओवरफ्लो होता है।
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नए वार्डों में यह होनी थी व्यवस्थाएं

नगर निगम के नए क्षेत्रों में शहरी स्तर की मूलभूत सुविधाएं विकसित की जानी थीं। इसमें मुख्य रूप से डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन, एलईडी स्ट्रीट लाइटें, जलकल से पानी की पाइपलाइन, सड़कों का निर्माण व मरम्मत और सार्वजनिक पार्कों व पार्किंग का विकास शामिल था। इनमें से कूड़ा उठान को छोड़, कोई व्यवस्था धरातल पर नहीं दिख रही है।

क्या बोले अधिकारी
नव विस्तारित क्षेत्रों में मकान नंबर आवंटन की प्रक्रिया शुरू हो गई है। इसके लिए लोगों को नोटिस दिया जा रहा है। बुनियादी सुविधाओं जैसे सीवर, पेयजल आदि के लिए शासन में प्रस्ताव भेजा गया है। बजट मिलते ही काम शुरू होगा। -सविता यादव, अपर नगर आयुक्त

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