एक महीने से भी कम समय पहले भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष बने डॉ. महेंद्र नाथ पांडेय ने नवरात्र के पवित्र महीने में पहली परीक्षा पास कर ली है। पहले ही प्रयास में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अपने संसदीय क्षेत्र में भीड़ के लिहाज से दो सफल जनसभाएं करा कर उन्होंने प्रथम दृष्टया साबित कर दिया कि प्रदेश में योगी आदित्यनाथ की सरकार बनने के बाद अध्यक्ष पद के लिए उनका चयन उपयुक्त था।
हालांकि उनकी वास्तविक परीक्षा नवंबर में प्रस्तावित स्थानीय निकाय चुनाव होंगे। कारण, अब तक पार्टी नगर निगमों में ही बेहतर प्रदर्शन करती रही है। नगर पालिकाओं में पार्टी के प्रत्याशी मुकाबले में रहते हैं, जबकि नगर पंचायतों में जीत हासिल करने के लिए पार्टी को बड़े जतन करने होंगे।
पितृ पक्ष से पूर्व तक तक केंद्र सरकार में महत्वपूर्ण माने जाने वाले मानव संसाधन विकास मंत्रालय में राज्य मंत्री रहे डॉ. पांडेय चंदौली से सांसद हैं। उन्हें पीएम मोदी की पसंद के कारण ही केंद्र में मंत्रिपद मिला था।
डॉ. पांडेय को नई जिम्मेदारी दिए जाने के बाद 22-23 सितंबर को पीएम मोदी का उत्तर प्रदेश का पहला दौरा था। 22 सितंबर को पहले दिन पीएम ने जिस बड़ा लालपुर में पं. दीनदयाल हस्तकला संकुुल समेत वाराणसी के विकास के लिए 1000 करोड़ से अधिक की योजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया, वह डॉ. पांडेय के चंदौली संसदीय क्षेत्र में आता है।
शनिवार को पीएम ने अपने संसदीय क्षेत्र के सेवापुरी विधानसभा में जनसभा की। इसमें जुटी भीड़ से गदगद प्रधानमंत्री ने मंच से ही इसका श्रेय डॉ. पांडेय को दिया। उन्होंने केंद्र सरकार में मंत्री के तौर पर डॉ. पांडेय की सेवाओं को याद करते हुए यहां तक कह दिया कि आज की सभा उनके (डॉ. पांडेय) के ही क्षेत्र में है।
दरअसल, डॉ. पांडेय ने नई जिम्मेदारी संभालने के बाद से सक्रियता बढ़ा दी थी। प्रदेश के कई जिलों में उनके दौरे हो चुके हैं। शनिवार की जनसभा के लिए उन्होंने निकटवर्ती मिर्जापुर का भी दौरा किया था।
डॉ. पांडेय की सांगठनिक क्षमताओं के मद्देनजर ही विधानसभा चुनाव से पहले परिवर्तन यात्राओं के लिए चुने गए प्रदेश के चार स्थानों में से एक सोनभद्र का उन्हें प्रभारी बनाया गया था।