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काशी विद्यापीठ : मान्यता के फेर में लटका मेडिकल छात्रों का भविष्य, तीन कॉलेजों के छात्र परेशान, आंदोलन की चेतावनी

Wed, 21 Jul 2021 11:02 PM IST
उत्पल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी

सार

मान्यता के फेर में तीनों कॉलेजों के बीएएमएस के छात्र परेशान हैं। छात्रों ने एक बार फिर आंदोलन की चेतावनी दी है। काशी विद्यापीठ तीन मेडिकल कॉलेजों को छोड़कर अन्य की परीक्षाएं करा रहा है।
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महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ - फोटो : फाइल फोटो
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विस्तार
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महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ से संबद्ध तीन मेडिकल कॉलेजों के छात्रों का भविष्य अधर में लटका है। मान्यता के अभाव में विद्यापीठ प्रशासन ने अभी तक बैचलर ऑफ मेडिसिन एंड सर्जरी (बीएएमएस) के सत्र 2018-19 की परीक्षाएं नहीं कराई हैं। वहीं, दूसरे मेडिकल कॉलेजों में परीक्षाओं की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। मान्यता के फेर में तीनों कॉलेजों के बीएएमएस के छात्र परेशान हैं। छात्रों ने एक बार फिर आंदोलन की चेतावनी दी है।

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विद्यापीठ तीन मेडिकल कॉलेजों को छोड़कर अन्य की परीक्षाएं करा रहा है। विद्यार्थियों का कहना है कि कुलपति, कुलसचिव, डीएम तक से गुहार लगा चुके हैं। सिर्फ आश्वासन ही मिल रहा है। कहा कि परीक्षा होगी या नहीं यह भी बताने वाला कोई नहीं है।

डॉ. विजय आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज (कैथी), संतुष्टि आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज (चुनार) व अपेक्स आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज (चुनार) के छात्रों का कहना है कि सत्र-2018-19 में बीएएमएस कोर्स में नीट के माध्यम से दाखिला हुआ था।  काउंसिलिंग कराने के लिए उप्र आयुष का अलॉटमेंट लेटर भी है। यदि मान्यता नहीं थी तो दाखिले की अनुमति क्यों दी गई।

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कुछ मेडिकल कॉलेजों का मामला कोर्ट में

कहा कि देश के अन्य मेडिकल कॉलेजों में दूसरी व्यावसायिक परीक्षा हो गई है। वहीं, कुलपति प्रो. एके त्यागी ने बताया कि हमारी प्राथमिकता छात्रों का भविष्य है। कुछ मेडिकल कॉलेजों का मामला कोर्ट में है, वहां से निर्णय आने के बाद फैसला लिया जाएगा। 
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बीएचयू : अंतिम सप्ताह से शुरू होंगी सेमेस्टर कक्षाएं

काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) में इसी महीने के अंतिम सप्ताह से पहले सेमेस्टर को छोड़कर बाकी सेमेस्टर के यूजी, पीजी के विद्यार्थियों की ऑनलाइन कक्षाएं चलाई जाएंगी। पहले सेमेस्टर की कक्षाएं शैक्षणिक सत्र में प्रवेश की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही शुरू होंगी। यूजीसी की ओर से नई गाइडलाइन जारी होने के बाद अब विश्वविद्यालय की ओर से भी इसका आदेश जारी कर दिया गया।

बीएचयू के संयुक्त कुलसचिव शिक्षण ने विश्वविद्यालय के सभी निदेशक, संकाय प्रमुख, विभागाध्यक्षों, कॉलेजों के प्राचार्यों को भेजे पत्र में बताया है कि विश्वविद्यालय में फाइनल सेमेस्टर के विद्यार्थियों की परीक्षा होगी। जबकि बीच के सेमेस्टर के छात्रों का नियमानुसार प्रमोशन किया जाएगा। उन्हें आंतरिक मूल्यांकन और पिछले सेमेस्टर में मिले नंबर के आधार पर प्रमोट किया जाएगा। साथ ही यह भी कहा कि शैक्षणिक सत्र 2021-22 के लिए शैक्षणिक कैलेंडर यूनिवर्सिटी एडमिशन कंट्रोल बोर्ड की ओर से तैयार कराया जाएगा।
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