डेढ़ घंटे की लिखित परीक्षा में सात प्रश्न होंगे। इनमें पांच लघु उत्तरीय और दो दीर्घ उत्तरीय होंगे। लघु उत्तरीय प्रश्नों के उत्तर 150 शब्द और बड़े प्रश्नों के 350 शब्द में उत्तर देने होंगे। प्राचीन इतिहास, मध्यकालीन एवं आधुनिक इतिहास, एमए शिक्षाशास्त्र आदि जिन विषयों के प्रारूप भिन्न हैं, उनमें किन्हीं पांच प्रश्नों को हल करना होगा। प्रत्येक प्रश्न के उत्तर की अधिकतम सीमा तीन सौ शब्द होगी। यह नियम वर्तमान सत्र के लिए ही मान्य होंगे।
वाराणसी, चंदौली, सोनभद्र, मिर्जापुर और भदोही जिलों में होने वाली वार्षिक परीक्षाओं के लिए केंद्र निर्धारण का काम चल रहा है। उम्मीद है कि सप्ताह भर के अंदर परीक्षा केंद्रों की सूची जारी कर दी जाएगी। कोरोना संक्रमण को देखते हुए इस बार परीक्षा केंद्रों की संख्या भी बढ़ाई जाएगी।
मेडिकल और नर्सिंग काउंसिल के दिशा निर्देशों के अनुसार एमबीबीएस, बीएएमएस और नर्सिंग की परीक्षाएं तीन घंटे की होंगी। वहीं, 15 जुलाई से शुरू होने वाली एमबीए के प्रथम और चतुर्थ सेमेस्टर की परीक्षाएं ओएमआर शीट पर आधारित होंगी।
वार्षिक परीक्षाओं के परिणाम के बाद अगर कोई विद्यार्थी परीक्षा परिणाम से असंतुष्ट है तो वह सत्र 2022 में होने वाली बैक या श्रेणी सुधार के लिए सभी प्रश्नपत्रों की परीक्षा में शामिल हो सकता है। कोविड संक्रमण के कारण यदि कोई छात्र-छात्रा परीक्षा नहीं दे पाता है तो बाद में विशेष परीक्षाओं में बैठने का मौका दिया जाएगा।
कोविड प्रोटोकॉल का पालन जरूरी
वार्षिक परीक्षाओं के दौरान परीक्षार्थियों को कोविड प्रोटोकॉल का पालन करना जरूरी है। विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से भी सीटिंग अरेंजमेंट दो गज की दूरी की अनुसार किया जाएगा। परीक्षा के दौरान मास्क लगाना अनिवार्य होगा। थर्मल स्क्रीनिंग के बाद ही परीक्षा केंद्रों पर प्रवेश दिया जाएगा।