समिति के अध्यक्ष रामबाबू यादव ने बताया कि इस बार बरात में बेरोजगारी और महंगाई की भी झांकी रहेगी। 50 से अधिक लाग विमान और 12 तरह के वाद्ययंत्र, देवगणों में रामदरबार, काली आदि के स्वरूप होंगे। श्रीराम मंदिर की झांकी भी रहेगी। लालकुटी शिवबरात समिति की ओर से रामापुरा क्षेत्र के लालकुटी व्यायामशाला से निकलने वाली शिव बरात में कंकाल और औगढ़ की झांकी खास होगी। समिति के अध्यक्ष अजय वर्मा ने बताया कि इसमें ऊंट पर देवगण विराजमान होंगे।
काशी की दिखेगी मौजमस्ती
शिव बरात में काशी की मौजमस्ती भी दिखेगी। लोग भांग बूटी छानेंगे तो ठंडई का लुत्फ उठाते नजर आएंगे। दिलीप सिंह ने बताया कि काशी की पहचान को कायम रखने के लिए बरात में बनारसी अंदाज और मौजमस्ती को शामिल किया जाएगा। 43 सालों से दारानगर से निकलने वाली शिव बरात निकाली जा रही है। यह काशी पहली शिवोत्सव है।