सभी पार्टियां, जो देश के संविधान को मानती हैं। डॉ. भीमराव आंबेडकर, मौलाना अबुल कलाम आजाद में विश्वास रखती हैं। उन्हें देश के बारे में सोचना होगा। उनका एक एमएलए चुनकर आए चलेगा, लेकिन देश का झंडा ऊंचा रहना चाहिए। नहीं तो आने वाला दिन बहुत ही अंधकारमय है।
देश की इकॉनमी बर्बाद हो रही है। ला एंड आर्डर खत्म हो चुका है। इस देश में हमें बोलने का पूरा अधिकार है, लेकिन कानून के दायरे में रहकर कोई नरेंद्र मोदी या अमित शाह के खिलाफ बोलेगा तो उसे आतंकवाद, देशद्रोह समझा जा रहा है।
वहीं, अगर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के खिलाफ फ्रांस में कोई बोलेगा तो यहां के प्रधानमंत्री कहते हैं कि लोगों को बोलने का पूरा अधिकार है। हम सब एक होके इस देश की गंगा जमुनी तहजीब को बचाना होगा। मुस्लिम-हिंदू एकता को बचाना होगा। ताकि ये देश फिर सोने की चिड़िया बन जाए।