संजीव साहनी ने बताया कि 35 से 50 व्यक्तियों के समूह को सर्वाधिक बुकिंग मिल रही है। होटल मार्केटिंग से संबंधित अधिकारी ने बताया कि होली के आसपास छोड़ दें तो इसके एक सप्ताह बाद तक होटलों की बुकिंग फुल है। टूरिस्ट प्रबंधक अनिल त्रिपाठी ने बताया कि महाकुंभ के चलते सभी होटल फुल हैं।
टूरिज्म वेलफेयर एसोसिएशन अध्यक्ष राहुल मेहता ने बताया कि ज्यादातर पर्यटक पांच दिन की बुकिंग करा रहे हैं। टूर ऑपरेटर अभिषेक सिंह के मुताबिक, मांग को पूरा करने के लिए आसपास के जिलों से छोटे चार पहिया वाहन मंगाने पड़ रहे हैं। टूर ऑपरेटर पैकेज में होटल के कमरों की बुकिंग के अलावा ट्रांसपोर्टेशन और नावों की बुकिंग भी करा रहे हैं।
महाकुंभ में काशी, प्रयागराज और अयोध्या के धार्मिक त्रिकोण ने यहां के पर्यटन को नई दिशा दी है। होटल व्यवसायी दीपक मिश्र ने बताया कि महाकुंभ जाने वाले पर्यटक प्रयागराज के बाद काशी और अयोध्या जा रहे हैं। इससे काशी के पर्यटन बाजार की विदेशी पर्यटकों पर निर्भरता खत्म हो गई है। साथ ही कोरोना काल के बाद काशी विश्वनाथ धाम ने काशी के पर्यटन की धुरी का काम किया है।