पूर्वोत्तर रेलवे वाराणसी मंडल के जनसंपर्क अधिकारी अशोक कुमार ने बताया कि महाकुंभ मेला स्पेशल ट्रेनों का संचालन पूर्वोत्तर रेलवे के बनारस, सिटी समेत अन्य स्टेशनों से किया जाएगा। बनारस स्टेशन पर श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए होल्ड एरिया भी बनाया जाएगा। बनारस स्टेशन से ही अधिकतर ट्रेनों का संचालन होगा। 25 से अधिक मेला स्पेशल ट्रेनों का संचालन संभव है। उधर, कैंट स्टेशन सर्कुलेटिंग एरिया में तीन हजार स्क्वायर फीट में जर्मन हैंगर विधि से शेड बनाया जाएगा। लगभग पांच से छह हजार यात्रियों को यहां ठहराने का प्रबंध होगा। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कमिश्नरेट की अतिरिक्त फोर्स तैनात होगी।
महाकुंभ में तीर्थ यात्री पहली बार जलमार्ग से भी आवाजाही कर सकेंगे। हाइड्रोजन जलयान का संचालन नमो घाट, रविदास घाट से चुनार, विंध्याचल होते हुए प्रयागराज तक किया जाएगा। 28 मीटर लंबे और 5.8 मीटर चौड़े जलयान पर एक बार में 50-55 लोग सवार हो सकेंगे। पर्यटन विभाग, नगर निगम और जिला प्रशासन की ओर से संचालन को लेकर कवायद की जा रही है। क्रूज का भी संचालन होगा। जल परिवहन अधिकारियों के अनुसार दिसंबर तक सभी प्रक्रियाएं पूरी कर ली जाएंगी। किराया और समय को लेकर मंथन चल रहा है।