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वाराणसी: गौरा का गौना लेकर ससुराल पहुंचे महादेव, आज महंत आवास से निकलेगी पालकी यात्रा

Thu, 05 Mar 2020 12:30 AM IST
गीतार्जुन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
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गौरा का गौना लेने गणों संग बाबा पहुंचे ससुराल। - फोटो : अमर उजाला।
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रंगभरी एकादशी पर पालकी यात्रा निकलने से पहले मंहत आवास गुलजार हो गया है। गुरुवार को गौरा का गौना कराने के लिए महादेव बुधवार शाम को गणों के साथ ससुराल पहुंच गए। गौना के लिए पहुंचे बारातियों का फल, मेवा और ठंडई के साथ पारंपरिक स्वागत किया गया। ऐसी परंपरा है कि रंग भरी एकादशी के बाद से ही काशी में होली की उमंग शुरू हो जाती है।

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महंत आवास में गौना की तैयारियां जोर शोर से चल रही है। इसके लिए घर को रंगबिरंगी बत्तियों से सजाया गया है। शाम को गौरा का गौना कराने गए बाबा विश्वनाथ के आगमन की रस्म निभाई गई। परंपरा के मुताबिक सबसे पहले बाबा विश्वनाथ और माता पार्वती की गोदी में प्रथम पूज्य गणेश की रजत प्रतिमाओं को एक साथ सिंहासन पर विराजमान कराया गया।

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इसके बाद पूजन-आरती कर भोग लगाया गया। महिलाओं ने अखंड सौभाग्य की कामना से पारंपरिक मंगल गीत भी गाए। गुरुवार की सुबह से ही रजत प्रतिमा का दर्शन शुरू हो जाएगा। इसके बाद शाम को रजत पालिका पर सवार होकर काशी पुराधिपति पूरे परिवार के साथ काशी की गलियों में निकलकर जनता के साथ अबीर गुलाल की होली भी खेली जाएगी।

बाबा के सिर सजेगी राजशाही पगड़ी
रंगभरी एकादशी के बारे में पूर्व महंत डॉ. कुलपति तिवारी का कहना है कि पहले से चली आ रही परंपरा के तहत ही सारे आयोजन होंगे। इसमें किसी तरह का कोई बदलाव नहीं किया गया है। पहली बार महंत आवास के बाहर से होने वाले इस आयोजन में पुरानी प्रतिमा ही जाएगी। इस दौरान बाबा के सिर नीले रंग की राजशाही पगड़ी सजेगी। तन पर गुजराती खादी का कुर्ता-धोती भी रहेगा। इसके अलावा गौरा भी लाल बनारसी जरीदार साड़ी में दिखेंगी। गौने में ढोल-नगाड़े, डमरू बजाते हर हर महादेव के जयघोष के साथ लोग अबीर गुलाल उड़ाकर बाबा संग होली खेलेंगे।

शिवांजलि में होली गीत, नृत्य नाटिका की प्रस्तुति
रंगभरी एकादशी के दिन पांच मार्च को मध्याह्न भोग आरती के बाद टेढ़ीनीम स्थित नवीन मंहत आवास पर सांस्कृतिक कार्यक्रम ‘शिवांजली’ का आयोजन भी होगा। इसमें काशी के अलावा प्रदेश के कई जिलों से आए कलाकारों की ओर से होली गीत और नृत्य नाटिका की प्रस्तुति की जाएगी। दिल्ली, सुल्तानपुर, जौनपुर, मथुरा और अवध के कलाकारों में कुछ टीमें देर शाम तक काशी पहुंच गई हैं। इस दौरान भभूत की होली भी खेली जाएगी।
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एक नजर में रंग भरी एकादशी 
प्रात: 3:30 से 4:30 तक- स्नान व पूजन
4:30 से 6 बजे तक- 11 वैदिक ब्राह्मणों द्वारा अभिषेक
6:30 से 8 :30 तक -मातृका पूजन
8 :30 बजे- विशेष राजसी शृंगार आरंभ
11 बजे:भोग आरती
11 बजे: महंत आवास में पालकी दर्शन 
12 बजे: सांस्कृतिक अनुष्ठान
शाम4.45 बजे: महंत आवास से मंदिर के लिए पालकी प्रस्थान
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