मंगला आरती 2:15 बजे प्रारंभ होगी
मंगला आरती की पूजा प्रातः 02:15 बजे प्रारंभ होगी और 03:15 बजे संपन्न की जाएगी। इसके पश्चात 03:30 बजे से श्रद्धालुओं के लिए मंदिर के कपाट खोल दिए जाएंगे। मध्याह्न भोग आरती के अंतर्गत प्रातः 11:40 बजे पूजा प्रारंभ होकर 12:20 बजे संपन्न होगी।
इसके अलावा महाशिवरात्रि की रात्रि में चारों प्रहर की आरतियां पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार संपन्न होंगी। प्रथम प्रहर की आरती रात्रि 10 बजे से 12:30 बजे तक, द्वितीय प्रहर की आरती 01:30 बजे से 02:30 बजे तक, तृतीय प्रहर की आरती प्रातः 03:30 बजे से 04:30 बजे तक तथा चतुर्थ प्रहर की आरती प्रातः 05:00 बजे से 06:15 बजे तक होगी। चारों प्रहर के दौरान श्रद्धालुओं के लिए झांकी दर्शन सतत् जारी रहेगा।
श्री माता वैष्णो देवी से आया बाबा को उपहार
महाशिवरात्रि के दिव्य अवसर पर एक विशेष आध्यात्मिक पहल के तहत श्रीमाता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड की ओर से बाबा काशी विश्वनाथ को पावन उपहार एवं प्रसाद अर्पित किया गया। यह उपहार 7 फरवरी को बाबा के दरबार में पहुंचा। काशी विश्वनाथ सीईओ विश्वभूषण मिश्रा ने कहा कि मंदिर न्यास ने इस पवित्र भेंट के लिए माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड के प्रति आभार व्यक्त किया है। माता वैष्णो देवी-शक्ति स्वरूप द्वारा भगवान विश्वनाथ को अर्पित यह उपहार शक्ति-शिव के शाश्वत संबंध का सजीव प्रतीक है। यह नवाचार महाशिवरात्रि पर्व की आध्यात्मिक गरिमा को और अधिक ऊंचाई प्रदान करेगा।
मंदिर में पेन, डिजिटल घड़ी रहेगी बैन
सुरक्षा एवं व्यवस्था की दृष्टि से महाशिवरात्रि पर्व के दौरान श्रीकाशी विश्वनाथ धाम परिसर में मोबाइल फोन, पेन, बैग, डिजिटल घड़ी, तंबाकू, पॉलिथीन, प्लास्टिक की बोतल सहित अन्य प्रतिबंधित वस्तुएं ले जाने पर पूर्ण रोक रहेगी। प्रतिबंधित वस्तुओं के साथ किसी भी श्रद्धालु को प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी।
मंदिर न्यास ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें और इस महापर्व को श्रद्धा, शांति एवं अनुशासन के साथ संपन्न कराने में प्रशासन का सहयोग करें। मंदिर की ओर से भक्तों से अपील की गई है कि भक्त खाली पेट धाम में दर्शन हेतु न आएं। विशेष दर्शन या स्पर्श दर्शन के लिए अनुरोध न करें, क्योंकि महाशिवरात्रि के अवसर पर इसे कराना संभव नहीं होगा।
हेल्पडेस्क, स्वास्थ्य, बिजली विभाग, नगर निगम की टीम रहेगी सक्रिय
प्रशासन की ओर से हेल्प डेस्क और स्वास्थ्य टीम को सक्रिय रहने के निर्देश दिए गए हैं। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए धाम परिसर में शुद्ध पेयजल, ग्लूकोज/ओआरएस/गुड़ दिया जाएगा। वहीं मेडिकल हेल्पडेस्क की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश भी संबंधित विभागों को दिए गए।
श्रद्धालुओं की सुविधा एवं सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए धाम के भीतर दर्शन व्यवस्था हेतु बैरिकेडिंग, प्रमुख स्थानों पर खोया-पाया केंद्र, शुद्ध पेय जल की व्यवस्था तथा पब्लिक एड्रेस सिस्टम स्थापित किए जाने के निर्देश भी दिए गए। नगर निगम को आगामी महाशिवरात्रि से पूर्व शेष दिनों में बंदरों और आवारा पशुओं के नियंत्रण हेतु आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।
विद्युत विभाग को निर्देशित किया गया कि श्रीकाशी विश्वनाथ धाम और उसके आसपास स्थित सभी विद्युत खंभों की टेपिंग सुनिश्चित करें और धाम परिसर में विद्युत सुरक्षा संबंधी ऑडिट पूरा करने के निर्देश दिए गए। अग्नि सुरक्षा के दृष्टिगत अग्निशमन विभाग को समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। खाद्य सुरक्षा विभाग को खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने हेतु आवश्यक कार्रवाई पूर्ण करने के निर्देश दिए गए।
सभी विभाग के अफसरों ने बैठक कर जांची व्यवस्थाएं
शनिवार को श्रीकाशी विश्वनाथ धाम स्थित बोर्ड रूम (सभागार) में मंडलायुक्त एस. राजलिंगम की अध्यक्षता में बैठक हुई। इसमें पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल, डीएम सत्येंद्र कुमार, काशी विश्वनाथ सीईओ विश्वभूषण मिश्रा समेत नगर निगम, विद्युत विभाग, एनडीआरएफ, सीआरपीएफ, अग्निशमन विभाग, स्वास्थ्य विभाग, खाद्य सुरक्षा विभाग के अफसर मौजूद रहे। सभी को अपनी-अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन ठीक से करने को कहा गया। इस दौरान अफसरों ने मंदिर परिसर का निरीक्षण कर व्यवस्थाएं देखी।
महाकुंभ पलट प्रवाह की तर्ज पर रहेंगी पुलिस की सभी व्यवस्थाएं
वाराणसी। पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल ने शनिवार को पुलिस टीम के साथ बैठक की। उन्होंने कहा कि महाशिवरात्रि पर सुरक्षा व्यवस्था और ट्रैफिक की तैयारियां महाकुंभ पलट प्रवाह की तर्ज पर रहेंगी। उन्होंने कहा कि पुलिस, पीएसी और अर्धसैनिक बलों की पर्याप्त तैनाती करें। संवेदनशील स्थानों पर रूफटॉप ड्यूटी लगाई जाएगी। सीसीटीवी कैमरों एवं ड्रोन के माध्यम से निरंतर निगरानी होगी।
महिला श्रद्धालुओं की सुविधा हेतु महिला पुलिसकर्मियों की विशेष तैनाती रहेगी। निर्धारित स्थानों पर होल्डिंग एरिया और प्रवेश एवं निकास मार्गों का पूर्वनिर्धारण सुनिश्चित किया जाएगा। मंदिर प्रवेश द्वारों पर प्रतिबंधित वस्तुओं की स्पष्ट सूची प्रदर्शित करने हेतु साइनबोर्ड लगाए जाएंगे और जगह-जगह बैगेज काउंटर की व्यवस्था की जाएगी, जिससे श्रद्धालुओं को असुविधा न हो।
वन-वे एवं नो-व्हीकल जोन लागू किया जाएगा।
विशेष ट्रैफिक प्लान के तहत रूट डायवर्जन, वन-वे एवं नो-व्हीकल जोन लागू किया जाएगा। बाहरी जनपदों से आने वाले वाहनों को निर्धारित पार्किंग स्थलों पर ही पार्क कराया जाएगा। किसी भी दशा में सड़कों पर अनधिकृत पार्किंग न होने देने के निर्देश दिए गए हैं। मार्गों पर सुदृढ़ बैरिकेटिंग एवं आवश्यकतानुसार बैरियर लगाए जाएंगे।
इसके अलावा फायर ब्रिगेड, डॉग स्क्वाड एवं एंबुलेंस टीमों को अलर्ट मोड में रहने के निर्देश दिए गए हैं। श्रद्धालुओं की सुविधा एवं मार्गदर्शन हेतु पीए सिस्टम के माध्यम से निरंतर उद्घोषणा की जाएगी। पुलिसकर्मियों को दर्शनार्थियों के प्रति विनम्र, सहयोगात्मक एवं संवेदनशील व्यवहार रखने हेतु विशेष निर्देश दिए गए हैं।