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महाशिवरात्रि : उत्तर से दक्षिण, पूरब से पश्चिम तक के जुटेंगे शिवभक्त; एक सप्ताह तक होंगे अनुष्ठान

Fri, 06 Feb 2026 02:25 PM IST
अमन विश्वकर्मा अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।

सार

Mahashivaratri: महाशिवरात्रि पर शृंगेरी मठ, श्रीकांची कामकोटिश्वर मंदिर, श्रीराम तारका आंध्राश्रम में दक्षिण भारतीय राज्यों से 50 हजार से अधिक श्रद्धालु आएंगे। इनमें विविध अनुष्ठान होंगे। 
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काशी विश्वनाथ धाम के बाहर भक्तों की भीड़। - फोटो : संवाद
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विस्तार
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Varanasi News: महाशिवरात्रि पर देवाधिदेव महादेव की नगरी में देश के कोने-कोने से शिवभक्त शिव आराधना करने आएंगे। मंदिरों से लेकर मठों व आश्रमों में शिवोत्सव की तैयारी शुरू हो गई है। महाशिवरात्रि के एक सप्ताह पहले से ही शिवत्व में लीन हो जाएंगे। रुद्राभिषेक, जप-तप और पूजा करेंगे। 

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कहीं सोने और अष्ट धातु के शिव और पार्वती की चल प्रतिमाओं के पूजन और अभिषेक के साथ दर्शन होंगे। बरात निकालकर शिवा-पार्वती विवाहोत्सव मनाए जाएंगे। सबसे ज्यादा दक्षिण भारत से श्रद्धालु आएंगे। वहीं, होटलों, धर्मशालाओं में ठहरने के लिए बुकिंग हो चुकी है। 

महाशिवरात्रि पर श्रीकाशी विश्वनाथ सहित सभी शिवालयों में दर्शन-पूजन के लिए भक्तों की भीड़ उमड़ेगी। श्रीकाशी विश्वनाथ धाम के अलावा अन्य शिवालयों, मठों और आश्रमों में विविध अनुष्ठान होंगे। शिवभक्तों के आने का सिलसिला शुरू हो गया। 
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श्रीविद्या मठ, जंगमबाड़ी मठ, पातालपुरी मठ, काशी नाटकोटि क्षेत्रम्, तेलंग स्वामी मठ, श्रीमठ, सुमेरूपीठ, मछली बंदर मठ, उदासीन पंचायती अखाड़ा, श्रीराम जानकी मठ, पुष्कर मठ, शीतल दास का बड़ा अखाड़ा, गुदड़ दास अखाड़ा, शिव हनुमान मठ, साधुवेला आश्रम आदि में रुद्राभिषेक, हवन पूजन और शिवार्चन आदि अनुष्ठान होंगे। 

नौ फरवरी से शुरू होगा महारुद्र यज्ञ और शिवार्चन
श्रीकांची कामकोटिश्वर मंदिर हनुमान घाट पर नौ फरवरी से महारुद्र जप यज्ञ शुरू हो जाएगा। मंदिर के प्रबंधक वीएस सुब्रह्मण्यम मणि ने बताया कि दक्षिण के आचार्य शक्ति घनपाठी के आचार्यत्व में 12 वैदिक विद्वान रुद्रार्चन, शिवार्चन, शंखाभिषेक होगा। महाशिवरात्रि के दिन चारों प्रहर की आरती व पूजन होगा। इसी दिन शिव-पार्वती की चल प्रतिमा का विधिवत विवाह होगा।

3 दिन होंगे शिव-पार्वती की स्वर्ण प्रतिमा के दर्शन
महाशिवरात्रि पर ही काशी नाटकोटि क्षेत्रम् जंगमबाड़ी में भगवान शिव-पार्वती और माता विशालाक्षी के तीन दिन दिनों तक दर्शन-पूजन होगा। नाटकोटि क्षेत्रम के प्रबंधक शिवा सुब्रह्मण्यम ने बताया कि 14 से 16 फरवरी तक अनुष्ठान और स्वर्ण प्रतिमाओं के दर्शन होंगे। इन प्रतिमाओं के दर्शन साल में सिर्फ तीन दिन ही होते हैं। प्रतिदिन तीन घंटे शाम सात से रात 10 बजे तक दर्शन होंगे।
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51 वैदिक ब्राह्मण करेंगे एकादश रुद्राभिषेक
शृंगेरी मठ महमूरगंज में महाशिवरात्रि पर 12 से 15 फरवरी तक महारुद्राभिषेक होगा। मठ के प्रबंधक अन्नपूर्णा प्रसाद शास्त्री ने बताया कि शृंगेरी पीठ से 51 वैदिक विद्वानों के अलावा श्रद्धालु आएंगे। तीन दिनों तक महारंद्र, एकादश रुद्राभिषेक, क्रामर्चन आदि अनुष्ठान के अलावा भजन संध्या का आयोजन होगा। उधर, जंगमबाड़ी मठ में 14 और 15 फरवरी को विविध अनुष्ठान व शोभायात्राएं निकाली जाएगी। में पांच हजार से अधिक अनुयायी आएंगे।
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