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यात्रीगण कृपया ध्यान दें... : काशी से आसान होगी महाकुंभ की राह, इस रूट पर बढ़ेगी ट्रेनों की रफ्तार; जानें खास

Sun, 08 Dec 2024 03:54 PM IST
अमन विश्वकर्मा अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।

सार

Varanasi News : महाकुंभ काे देखते हुए काशी में भी तैयारियां चल रही हैं। यहां से रेल यात्रियों को काफी सहूलियत दी जाएगी। रास्ता की दूरी कम हो इस कारण कई ट्रेनों की रफ्तार बढ़ाई गई है। इस बार महाकुंभ में भक्तों के और ज्यादा बढ़ने की संभावना है।
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महाकुंभ के लिए दुरुस्त की जा रहीं ट्रेनें। - फोटो : अमर उजाला डिजिटल
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विस्तार
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अब महाकुंभ की राह काशी से और आसान होगी। काशी और संगम के बीच ट्रेनें जहां-तहां रुकेंगी नहीं और प्रयागराज-पीडीडीयूनगर रूट पर भी ट्रेनों का दबाव कम होगा। बनारस से झूंसी तक कुल 113.59 किमी का दोहरीकरण विद्युतीकृत पूरा हो गया। बाकि प्रयागराज रामबाग से झूंसी (7.36 किमी) पूरा होने के बाद 11 दिसंबर को ब्रिज के साथ सीआरएस निरीक्षण कर इसे चालू कर दिया जाएगा। 

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इसके बाद इस रूट पर ट्रेनें 110 किलाेमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ेंगी। आधे घंटे समय बचेगा। यह पूरा रेल खंड दोहरीकृत होगा। इससे रेल खंड पर लाइन क्षमता बढ़ेगी, जिससे अधिक यात्री ट्रेनों का तेज गति से परिचालन संभव होगा और यात्रा समय में कमी आएगी। प्रयागराज रामबाग-वाराणसी रेल खंड का दोहरीकरण व विद्युतीकरण का लाभ हर साल प्रयागराज संगम पर लगने वाले माघ मेला तथा अर्ध कुंभ व महाकुंभ स्नान में आने वाले श्रद्धालुओं को मिलेगा। 

यह तीर्थयात्री संगम स्नान के बाद भारत के प्रसिद्ध 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक काशी विश्वनाथ मंदिर में भी दर्शन करने के लिए अवश्य आते हैं। बनारस-प्रयागराज रेल खंड पर बढ़ते हुए यातायात को देखते हुए रेलवे बोर्ड ने बनारस प्रयागराज खंड के दोहरीकरण को स्वीकृति दी थी। ब्यूरो
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इस दोहरीकरण परियोजना के बनारस-झूंसी (120.96 किमी) का विद्युतीकरण सहित दोहरीकरण का कार्य 1600 करोड़ की लागत से पूरा किया गया है। यह विद्युतीकरण के साथ दोहरीकृत रेल लाइन वाराणसी, मिर्जापुर, संत रविदास नगर व प्रयागराज के लिए बड़ी उपलब्धि है। 

पूर्वोत्तर रेलवे के डीआरएम वीके श्रीवास्तव ने बताया कि इस परियोजना को 7 चरणों में पूरा किया गया। इससे प्रयागराज-नैनी-पं. दीनदयाल उपाध्याय रेल मार्ग पर दबाव कम होगा। वहीं कुंभ मेला-2025 के दौरान पहले की अपेक्षा अधिक मेला स्पेशल ट्रेनों को तेज गति से संचालन आसान होगा, जिससे मेला यात्रियों के अवागमन में बहुत सुविधा होगी। रेलवे बोर्ड के चेयरमैन सतीश कुमार ने पुल का निरीक्षण भी किया।

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नए नंबर से चलाई जाएंगी 90 मेमू, डेमू, स्पेशल ट्रेनें
वाराणसी। नए साल से रेलवे में मेमू, डेमू और स्पेशल ट्रेनों से जीरो नंबर हट जाएंगे और यह ट्रेनें नए नंबर से चलाई जाएंगी। इसके अलावा मेल, एक्सप्रेस और सुपरफास्ट ट्रेनों के नंबर भी में भी बदलाव किया गया है। पूर्वोत्तर रेलवे वाराणसी मंडल में संचालित ट्रेनों से जीरो नंबर हटाए जाने को लेकर तैयारियां शुरू हो गई हैं। 90 मेमू, डेमू और अनारक्षित विशेष ट्रेनों के नंबर बदल गए। पीआरओ अशोक कुमार ने बताया कि एक जनवरी से यह ट्रेनें नए नंबर से संचालित होंगी।

वाराणसी मंडल की स्पेशल ट्रेनें एक जनवरी से इस नंबर से चलेंगी
  • वर्तमान में 01747/48 बनारस-भटनी अनारक्षित विशेष ट्रेन नए नंबर 55137/38 से चलाई जाएगी। 05445/46 छपरा-वाराणसी सिटी अनारक्षित विशेष ट्रेन 55139/40 से जानी जाएगी। 05117/18 बनारस-मां बाराही देवी धाम अनारक्षित विशेष ट्रेन नए नंबर 55141/42 से चलाई जाएगी। 05461 गाजीपुर सिटी-वाराणसी सिटी मेमू गाड़ी 01 जनवरी, 2025 से नये नम्बर 65105 से चलाई जाएगी।  
  • 05462 वाराणसी सिटी-गाजीपुर सिटी मेमू ट्रेन नए नंबर 65106 से, 05147 भटनी-वाराणसी सिटी मेमू 65107 से, 05148 वाराणसी सिटी-भटनी मेमू नए नंबर 65108 से चलाई जाएगी।
  • 05427/28 आजमगढ़-वाराणसी सिटी मेमू ट्रेन 65109/10 चलेगी।
  • 05173/74 बनारस-प्रयागराज रामबाग मेमू नए नंबर 65111/12 और 05195/96 बनारस-प्रयागराज रामबाग नए नंबर 65113/14 से चलाई जाएगी। 
  • 03649/50 आरा-बनारस मेमू नए नंबर 63229/30 से चलाई जाएगी। 
  • 05475/76 बनारस-झूंसी मेमू नए नंबर 65129/30 से चलाई जाएंगी। 05475/76 बनारस-झूंसी मेमू नए नंबर 65129/30 से चलेगी।
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