श्री काशी विश्वनाथ धाम।
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श्री काशी विश्वनाथ कॉरिडोर में की मॉकड्रिल
महाकुंभ के दौरान वाराणसी में श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ाने का अनुमान है। श्री काशी विश्वनाथ कॉरिडोर में आने वाले श्रद्धालुओं के सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए अग्निशमन विभाग, पुलिस विभाग, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ एवं मंदिर प्रशासन ने शनिवार को संयुक्त रूप से मॉकड्रिल की। विभाग के अधिकारियों ने बताया कि अगर आप भीड़ में फंस जाते हैं तो उस दौरान कैसे बचाव कर सकते हैं। अग्निशमन द्वितीय अधिकारी ऋषभ दुबे ने बताया कि अग्निशमन यूनिट द्वारा मंदिर कॉरिडोर में अग्निकांड पर त्वरित कार्यवाही करते हुए मॉकड्रिल की गई।
काशी विश्वनाथ मंदिर में बैरिकेडिंग लगाकर की गई भक्तों के दर्शन की व्यवस्था।
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रात 10 से सुबह 6 बजे तक श्रद्धालुओं की बसें जा सकेंगी राजघाट तक
श्रद्धालुओं की बसें अब रोजाना रात 10 से सुबह 6 बजे तक लहरतारा-चौकाघाट फ्लाईओवर होते हुए राजघाट तक जा सकेंगी। इस संबंध में एडीसीपी ट्रैफिक राजेश कुमार पांडेय ने शनिवार को बताया कि बाहर से काशी आने वाले श्रद्धालुओं की सहूलियत को देखते हुए उनके राजघाट तक जाने की व्यवस्था बनाई गई है।
कालभैरव मंदिर के प्रवेश द्वार के सामने जूते-चप्पल नहीं उतारेंगे श्रद्धालु
महाकुंभ के मद्देनजर शनिवार को मेयर अशोक तिवारी ने पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल के साथ कालभैरव मंदिर और उसके आसपास की गलियों का निरीक्षण किया। तय किया गया कि मंदिर के प्रवेश द्वार के सामने श्रद्धालु अपने जूते-चप्पल नहीं उतारेंगे। बल्कि, मंदिर से थोड़ा पहले ही रैक रख कर जूते-चप्पल रखवाने की व्यवस्था की जाएगी।
पुलिस आयुक्त ने कहा कि मंदिर में प्रवेश और निकास के रास्ते अलग-अलग होंगे। आवश्यकतानुसार क्षेत्र में बैरिकेडिंग कराई जाए। श्रद्धालुओं के सहयोग के लिए खोली गई पर्यटक पुलिस चौकी में दो शिफ्ट में पुलिस कर्मियों की ड्यूटी लगाई जाएगी। पुलिस आयुक्त ने कहा कि दुकानदार सामान गली में न फैलाएं। वाहन भी ऐसे खड़े करें कि आवागमन बाधित न हो। उधर, मेयर ने गलियों के बिजली के तारों को सुव्यवस्थित कराने का निर्देश दिया।