सूचना विभाग की ओर से जारी विज्ञप्ति के अनुसार, गठित मजिस्ट्रेटी समिति हादसे के सभी पहलुओं की जांच करेगी। यदि किसी स्तर पर लापरवाही सामने आती है तो संबंधित जिम्मेदारों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
एसडीएम राजीव मोहन सक्सेना ने बताया कि मृतक का पोस्टमार्टम कराया जा चुका है। पीड़ित परिवार को नियमानुसार मुआवजा दिलाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है और प्रशासन की ओर से हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि जांच टीम गठित कर दी गई है और रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी।
वहीं, लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता राजेश कुमार ने बताया कि पुराने काली मंदिर को ध्वस्त करने से पहले मां काली की प्रतिमा को विधि-विधान के साथ सुभाष पार्क के पास नव निर्मित मंदिर में स्थापित किया जा चुका था। ध्वस्तीकरण के दौरान हुए हादसे में घायल मजदूर को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन चिकित्सक उन्हें बचा नहीं सके।
बेटे को नौकरी, परिवार को 10 लाख रुपये की सहायता
अधिशासी अभियंता राजेश कुमार ने बताया कि कार्यदायी संस्था एप्को मृतक मजदूर के पुत्र को नौकरी उपलब्ध कराएगी। इसके अलावा मृतक के परिवार को 10 लाख रुपये की आर्थिक सहायता भी दी जाएगी। साथ ही श्रम कानूनों एवं अन्य वैधानिक प्रावधानों के तहत देय सभी लाभ भी नियमानुसार उपलब्ध कराए जाएंगे।