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माफिया सुभाष ठाकुर को मुंबई भेजने का मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा

Sat, 03 Jun 2017 02:01 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला, वाराणसी
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सु्प्रीम कोर्ट - फोटो : SELF
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न्यायालय की अनुमति के बगैर माफिया सुभाष ठाकुर को मुंबई कारागार भेजने का मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है। इस मामले में सुप्रीम कोर्ट के न्यायमूर्ति एके सीकरी और न्यायमूर्ति दीपक गुप्ता की खंडपीठ ने विपक्षी बनाए गए यूपी के गृह सचिव, फतेहगढ़ के जेल अधीक्षक, कारागार प्रशासन के संयुक्त सचिव, डीआईजी जेल लखनऊ, मुख्य सचिव महाराष्ट्र, मुंबई केंद्रीय कारागार के जेल अधीक्षक को नोटिस जारी करते हुए दो सप्ताह में जवाब दाखिल करने का आदेश दिया है।
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बीते चार मई को प्रदेश सरकार के संयुक्त सचिव सूर्यप्रकाश सिंह सेंगर ने महाराष्ट्र में दंडित सिद्धदोष बंदी और फतेहगढ़ जेल में निरुद्ध सुभाष सिंह ठाकुर को मुंबई कारागार भेजने की संस्तुति की थी।

संयुक्त सचिव सूर्यप्रकाश सिंह सेंगर का कहना था कि सुभाष ठाकुर बनारस के शिवपुर के जिस आर्म्स एक्ट मामले में निरुद्ध है उससे संबंधित अदालत की अनुमति लेकर उसे मुंबई भेज दिया जाए।
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संयुक्त सचिव का निर्देश मिलने पर फतेहगढ़ के जेल अधीक्षक ने बनारस की विशेष न्यायाधीश भ्रष्टाचार की अदालत से अनुमति लिए बगैर ही छह मई को सुभाष ठाकुर को मुंबई भेज दिया। इस बात की जानकारी सुभाष ठाकुर के अधिवक्ता पीपीएस गौतम ने स्थानीय अदालत को दी।

इस बीच सुभाष ठाकुर की तरफ से मुंबई भेजे जाने की चुनौती याचिका सुप्रीम कोर्ट में दी गई। याचिका पर पक्षकारों को नोटिस जारी करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने फतेहगढ़ के जेल अधीक्षक के आदेश पर रोक लगा दी है।

बता दें कि सुभाष ठाकुर को शिवपुर पुलिस ने 1991 में नाइन एमएम के दो कारतूस और कीमती सामान के साथ गिरफ्तार किया था और यही मामला यहां लंबित है। मामले की सुनवाई की अगली तिथि 12 जून निर्धारित की गई है।
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