व्यवस्थाएं भी दुरुस्त, तीसरे दिन टेबल कुर्सी पर हुआ इम्तिहान
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मदरसा बोर्ड परीक्षा में निजाम बदलने का असर साफ दिख रहा है। इस साल अब तक किसी भी मदरसा बोर्ड से न तो नकल की शिकायत आई और न ही परीक्षार्थियों को किसी तरह की दुर्व्यवस्था का सामना करना पड़ा।
मदरसा शिक्षकों का भी मानना है कि इस बार योगी सरकार की कड़ाई का असर देखने को मिला है। मदरसा बोर्ड के रजिस्ट्रार ने भी परीक्षा की व्यवस्था कुछ ऐसी की कि कहीं नकल की शिकायत सुनने में नहीं आई।
जबकि इससे पहले मदरसा बोर्ड में धड़ल्ले से नकल होती रही है। यही नहीं अक्सर गलत पेपर बंटने और कम पड़ने की शिकायत तो हर साल होती रही है।
अरबी फरसी बोर्ड परीक्षाएं 25 अप्रैल से शुरू हुई हैं। वाराणसी में 11 केंद्रों पर परीक्षा व्यवस्थित ढंग से संचालित की जा रही है।
इसमें एक केंद्र जामिया फारुकिया रेवड़ी तालाब में जमीन पर बैठकर परीक्षार्थी इम्तिहान देते हुए पाए गए थे लेकिन तीसरे दिन गुरुवार को वहां पर ये व्यवस्था भी दुरुस्त कर ली गई।
गुरुवार को तीसरे दिन मुंशी मौलवी और आलिम की परीक्षाएं थीं। मदरसा फारूकिया के शिक्षक डॉ. नबी जान ने बताया कि इस बार जिन मदरसों से छात्रों ने फार्म भरा था, उन परीक्षार्थियों का केंद्र उन मदरसों को नहीं बनाया गया।
इस वजह से नकल होने की गुंजाइश नहीं बनती। हां, ये जरूर है कि छात्राओं के परीक्षा केंद्र दूर के सेंटरों को बनाया गया है जिससे उन्हें दिक्कत हो रही है। यही वजह है कि कुछ छात्राओं ने परीक्षाएं भी छोड़ी हैं।