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मां अन्नपूर्णा: धनतेरस पर 2 लाख ने किए मां के दर्शन, 3 घंटे में आई बारी, 10 लाख सिक्के बंटे; तगड़ी सुरक्षा

Sat, 07 Nov 2026 05:58 AM IST
Aman Vishwakarma अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।

सार

बाबा विश्वनाथ का खजाना भरने के बाद स्वर्णमयी मां अन्नपूर्णा ने श्रद्धालुओं को 18.30 घंटे दर्शन दिए। सुबह पांच बजे से रात 11:30 बजे तक अनवरत दर्शन का क्रम चला। दो से तीन घंटे में श्रद्धालुओं को दर्शन मिले। इस दौरान दो लाख से अधिक भक्तों ने मां के दर्शन किए। खजाने में 10 लाख सिक्के और पांच क्विंटल लावा वितरित किया गया।
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मां अन्नपूर्णा के स्वर्णमयी दर्शन पाकर भक्त निहाल हुए। - फोटो : संवाद
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विस्तार
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कार्तिक कृष्ण त्रयोदशी यानी धनतेरस पर अन्न-धन की देवी मां अन्नपूर्णा ने शुक्रवार को स्वर्णमयी स्वरूप में भक्तों को दर्शन दिए। पहले बाबा विश्वनाथ का खजाना भरने के बाद मां ने श्रद्धालुओं पर भी कृपा बरसाई। ढाई से तीन घंटे के इंतजार के बाद श्रद्धालुओं को स्वर्णमयी मां अन्नपूर्णा के दर्शन हुए। 

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देश के कोने-कोने से पहुंचे श्रद्धालुओं ने स्वर्ण आभा से दमकती मां की छवि को निहारा और सुख-समृद्धि की कामना की। धनतेरस पर मां के खजाने में पांच क्विंटल धान का लावा, 10 लाख सिक्के और रजत सिक्के वितरित किए गए। दो लाख से ज्यादा श्रद्धालुओं ने दर्शन किए। 

मां के जयकारों से बांसफाटक से गोदौलिया तक का इलाका देर रात तक गूंजता रहा। सुबह पांच बजे से रात 11:30 बजे तक करीब 18:30 घंटे दर्शन का सिलसिला चला। इस दौरान बांसफाटक, गोदौलिया और विश्वनाथ धाम के गेट नंबर चार तक श्रद्धालुओं की कतार लगी रही। 

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स्वर्णमयी मां अन्नपूर्णा की विशेष पूजा भोर तीन बजे शुरू हुई। 11 आचार्यों के आचार्यत्व में महंत शंकर पुरी ने दो घंटे तक विधि-विधान से पूजन किया। इसके बाद मां की आरती उतारी गई। महंत ने देश की खुशहाली और किसी के भी भूखे न सोने की कामना की। सुरक्षा कर्मियों के साथ स्वयंसेवक भी तैनात रहे। 

स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतों के लिए मेडिकल टीम भी मौजूद रही। मंदिर प्रबंधक काशी मिश्रा ने बताया कि सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी के लिए कंट्रोल रूम बनाया गया था। मां के दर्शन करने कमिश्नर एस राजलिंगम, डीएम सत्येंद्र कुमार, पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल, विधायक डॉ. नीलकंठ तिवारी, अवधेश सिंह, गोंडा के एक विधायक पहुंचे थे।

अन्नपूर्णा मंदिर के बाहर श्रद्धालु। - फोटो : संवाद
10 नवंबर को होगा मां का अन्नकूट शृंगार : सात से 10 नवंबर तक प्रतिदिन सुबह चार बजे से रात 11:15 बजे तक दर्शन होंगे। 10 नवंबर को मां का अन्नकूट शृंगार होगा। रात 11:30 बजे महाआरती के बाद स्वर्णमयी स्वरूप के कपाट वर्षभर के लिए बंद हो जाएंगे। अन्नकूट पर मां को 150 क्विंटल कच्चे और पक्के भोग अर्पित किए जाएंगे। इसका प्रसाद 12 नवंबर को भोर चार बजे से रात 11:15 बजे तक वितरित होगा। रसीद लेने वाले श्रद्धालु निर्धारित व्यवस्था के तहत प्रसाद प्राप्त कर सकेंगे। 

भक्तों की कतार गोदाैलिया तक लगी
मां अन्नपूर्णा के स्वर्ण विग्रह के दर्शन के लिए सुबह से दोपहर तक भक्तों को दो से तीन घंटे इंतजार के बाद दर्शन हुए। दोपहर बाद एक से दो घंटे में दर्शन मिला। भक्तों की कतार गोदौलिया, कचौड़ी गली, विध्वनाथ धाम के गेट नंबर 4, नीलकंठ द्वार और बांसफाटक तक लगी थी।
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स्वामी नारायण और मणि मंदिर में भी बंटा खजाना 
दुर्गाकुंड स्थित धर्मसंघ परिसर के मणि मंदिर में भी धनतेरस पर मां अन्नपूर्णा का पूजन हुआ। सुबह से रात 10 बजे तक दर्शन के साथ पांच दिवसीय खजाना वितरण शुरू हुआ। नौ नवंबर को अन्नकूट पर मां का 108 प्रकार के व्यंजनों से शृंगार होगा। मछोदरी स्थित श्रीस्वामीनारायण मंदिर में शाम छह बजे लक्ष्मी-गणेश का पूजन हुआ। इसके बाद रात 10 बजे तक भक्तों में खजाना वितरित किया गया। मंदिर में पांच दिवसीय दीपोत्सव भी शुरू हुआ। 10 नवंबर को अन्नकूट महोत्सव मनाया जाएगा। दशाश्वमेध घाट स्थित बड़ी शीतला मंदिर की गुफा में विराजमान स्वर्णमयी मां अन्नपूर्णा का भी दर्शन-पूजन हुआ। यहां शाम चार बजे से रात 9:30 बजे तक दर्शन के साथ खजाना वितरित किया गया।
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