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Maa Annapurna: 21 क्विंटल धान की बालियों से सजा मां अन्नपूर्णा का दरबार, 17 दिवसीय महाव्रत का हुआ समापन

Tue, 19 Dec 2023 02:31 PM IST
किरन रौतेला न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी

सार

सोमवार को मध्याह्न भोग आरती में मंदिर के अर्चक ने मां को पंचामृत स्नान कराने के बाद नूतन वस्त्र ओ आभूषण धारण कराया। इसके बाद धान की बालियों से माता का शृंगार किया गया।
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Maa Annapurna - फोटो : संवाद
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विस्तार
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बाबा विश्वनाथ को अन्न-धन की दीक्षा देने वाली मां अन्नपूर्णा के 17 दिवसीय महाव्रत का उद्यापन सोमवार को हुआ। इसके साथ ही श्रद्धालुओं के महाव्रत का समापन हो गया। किसी ने 51 तो किसी ने 501 फेरी लगाकर व्रत पूरा किया। पूर्वांचल के किसानों ने अन्न की देवी को धान की पहली फसल अर्पित की।

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सोमवार को मध्याह्न भोग आरती में मंदिर के अर्चक ने मां को पंचामृत स्नान कराने के बाद नूतन वस्त्र ओ आभूषण धारण कराया। इसके बाद धान की बालियों से माता का शृंगार किया गया। आरती के बाद माता के मंदिर का कपाट आम श्रद्धालुओं के लिए खोल दिया गया। पूर्वांचल के किसानों ने अपने खेत की पहली फसल मां को अर्पित कर आशीर्वाद लिया। इस दौरान मंदिर में भक्तों की लंबी कतार लगी रही। 17 दिन 17 गांठ और 17 धागे के 17 दिवसीय महाव्रत का समापन हुआ।

मंदिर प्रबंधक काशी मिश्रा ने बताया महाव्रत के समापन के दिन मां के दरबार को 21 क्विंटल धान की बालियों से सजाया गया है। किसानों ने मां को धान की पहली फसल अर्पित की। मंगलवार को धान की बाली को प्रसाद के रूप में भक्तों को वितरित किया जाएगा। इसे श्रद्धालु अपने अन्न के भंडार में रखते हैं। महंत शंकर पुरी ने बताया कि हिंदू धर्म में देवी अन्नपूर्णा का विशेष स्थान है। मान्यता है कि जिस घर में भगवती का वास होता है, वहां हमेशा अन्न के भंडार भरे रहते हैं। उन्होंने कहा कि इस महाव्रत से किसी भी तरह का दुख-कष्ट दूर हो जाता है।

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