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LPG Crisis: सिलिंडर...चूल्हा बना सहारा, रोजाना 500 से ज्यादा की हो रही है बिक्री; क्राइसिस के बीच बढ़ी डिमांड

Sat, 14 Mar 2026 12:36 PM IST
Aman Vishwakarma अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।

सार

Varanasi News: एजेंसी प्रबंधकों का कहना है कि वे केवल उन्हीं को सिलिंडर दे रहे हैं जिनकी बुकिंग पहले से है। राजातालाब की गंगा गैस एजेंसी के सत्य प्रकाश मौर्य ने बताया कि गोदाम से गैस वितरण बंद कर दिया गया है ताकि भीड़ और अव्यवस्था न हो। 
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लोहटिया में चूल्हा बनाते कारीगर। - फोटो : संवाद
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विस्तार
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LPG Crisis in India: जिले में गैस सिलिंडर की क्राइसिस के बीच लोहे के चूल्हे की खूब बिक्री शुरू हो गई है। गैस सिलिंडर न मिलने से परेशान लोग अब विकल्प के तौर पर इस चूल्हे का प्रयोग कर रहे हैं। लोहटिया, दारानगर, मैदागिन, मलदहिया, लंका, खोजवां, लोहता, चोलापुर, चौबेपुर, सिंधोरा, मिर्जामुराद, राजातालाब समेत जिले के 30 से अधिक दुकानों पर इन चूल्हों की बिक्री हो रही है। लोहटिया के दुकानदार वारिस अहमद बताते हैं कि 10 दिन पहले तक मुश्किल से 2-3 चूल्हे सप्ताह में बिकते थे। 

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अब जिले में प्रतिदिन 500 से अधिक चूल्हे बिक रहे हैं। चोलापुर के दुकानदार धीरज कुमार बताते हैं कि इनकी कीमत वजन के आधार पर निर्धारित होती है। बाजार में 5 किलो से लेकर 20 किलो तक के चूल्हे मौजूद हैं। पहले जहां 70-80 रुपये प्रति किलो इनकी बिक्री होती थी, वहीं कई दुकानदारों ने इसके रेट बढ़ा दिए हैं। वर्तमान में इसकी कीमत 120 रुपये प्रति किलो से लेकर 140 रुपये प्रति किलो है। 

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छात्रों और उज्ज्वला लाभार्थियों की बेबसी : लंका, भेलूपुर और चितईपुर क्षेत्रों में रहकर नीट और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले हजारों छात्रों पर इस संकट की सबसे ज्यादा गाज गिरी है। किराये से रहने वाले छात्र लूट का शिकार हो रहे हैं। 

पारंपरिक ईंधनों की मांग में आया उछाल : रसोई गैस की कमी के कारण लकड़ी और कोयला मंडियों में हलचल बढ़ गई है। शिवपुर लकड़ी मंडी के व्यापारी रमेश प्रसाद का कहना है कि हालांकि अभी कीमतों में भारी उछाल नहीं आया है (लकड़ी 6-10 रुपये प्रति किलो और कोयला 16 रुपये प्रति किलो), लेकिन खपत में अचानक वृद्धि हुई है। 
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कनेक्शन के पांच साल बाद भी घरों में नहीं जल सका पीएनजी से चूल्हा
एलपीजी को लेकर मची हाय-तौबा के बीच लंका के नरिया क्षेत्र के लोगों का आक्रोश गेल पर टूट पड़ा है। लॉकडाउन से पहले नरिया वार्ड के पांडेय महाल समेत अन्य कालोनियों में गैस कनेक्शन किया गया है, लेकिन अभी तक इन घरों में पीएनजी से चूल्हा नहीं जल सका है। पीएनजी सप्लाई शुरू किए जाने को लेकर स्थानीय लोगों ने जनप्रतिनिधियों तक अपनी आवाज पहुंचाई, लेकिन सप्लाई शुरू नहीं हो सकी है। 

नरिया क्षेत्र के पांडेय महाल निवासी शैलेंद्र यादव बच्चा, प्रहलाद श्रीवास्तव और आरके पांडेय ने बताया कि एलपीजी सिलिंडर के इस किल्लत भरे माहौल में भी पीएनजी की सप्लाई शुरू नहीं होगी तो घरों पर कनेक्शन कराने का क्या फायदा है। गेल अधिकारियों ने बताया कि पीएनजी व सीएनजी को लेकर कोई दिक्कत नहीं है। गेल ने शहर के 58 हजार से अधिक घरों को गैस की आपूर्ति की जा रही है। 1,10,000 से अधिक घरों तक बुनियादी ढांचा बिछाया गया है। 
करखियांव और लहरतारा औद्योगिक क्षेत्र में 28 उद्योगों को पीएनजी की आपूर्ति हो रही है। शहर के 100 से अधिक रेस्टोरेंट और होटलों को भी पीएनजी की आपूर्ति जारी है। जिन घरों में पीएनजी की आपूर्ति नहीं शुरू हो पाई है, वहां टीम भेजकर जांच कराई जाएगी। - प्रवीण कुमार, एजीएम, गेल, वाराणसी
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