छात्रों और उज्ज्वला लाभार्थियों की बेबसी : लंका, भेलूपुर और चितईपुर क्षेत्रों में रहकर नीट और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले हजारों छात्रों पर इस संकट की सबसे ज्यादा गाज गिरी है। किराये से रहने वाले छात्र लूट का शिकार हो रहे हैं।
पारंपरिक ईंधनों की मांग में आया उछाल : रसोई गैस की कमी के कारण लकड़ी और कोयला मंडियों में हलचल बढ़ गई है। शिवपुर लकड़ी मंडी के व्यापारी रमेश प्रसाद का कहना है कि हालांकि अभी कीमतों में भारी उछाल नहीं आया है (लकड़ी 6-10 रुपये प्रति किलो और कोयला 16 रुपये प्रति किलो), लेकिन खपत में अचानक वृद्धि हुई है।
कनेक्शन के पांच साल बाद भी घरों में नहीं जल सका पीएनजी से चूल्हा
एलपीजी को लेकर मची हाय-तौबा के बीच लंका के नरिया क्षेत्र के लोगों का आक्रोश गेल पर टूट पड़ा है। लॉकडाउन से पहले नरिया वार्ड के पांडेय महाल समेत अन्य कालोनियों में गैस कनेक्शन किया गया है, लेकिन अभी तक इन घरों में पीएनजी से चूल्हा नहीं जल सका है। पीएनजी सप्लाई शुरू किए जाने को लेकर स्थानीय लोगों ने जनप्रतिनिधियों तक अपनी आवाज पहुंचाई, लेकिन सप्लाई शुरू नहीं हो सकी है।
नरिया क्षेत्र के पांडेय महाल निवासी शैलेंद्र यादव बच्चा, प्रहलाद श्रीवास्तव और आरके पांडेय ने बताया कि एलपीजी सिलिंडर के इस किल्लत भरे माहौल में भी पीएनजी की सप्लाई शुरू नहीं होगी तो घरों पर कनेक्शन कराने का क्या फायदा है। गेल अधिकारियों ने बताया कि पीएनजी व सीएनजी को लेकर कोई दिक्कत नहीं है। गेल ने शहर के 58 हजार से अधिक घरों को गैस की आपूर्ति की जा रही है। 1,10,000 से अधिक घरों तक बुनियादी ढांचा बिछाया गया है।
करखियांव और लहरतारा औद्योगिक क्षेत्र में 28 उद्योगों को पीएनजी की आपूर्ति हो रही है। शहर के 100 से अधिक रेस्टोरेंट और होटलों को भी पीएनजी की आपूर्ति जारी है। जिन घरों में पीएनजी की आपूर्ति नहीं शुरू हो पाई है, वहां टीम भेजकर जांच कराई जाएगी। - प्रवीण कुमार, एजीएम, गेल, वाराणसी