विश्लेषण के आधार पर कुछ ही घंटों में असलहे से लूटपाट करने वाले तीन अपराधियों व उनके पते, फोटो और आपराधिक इतिहास समेत की सटीक पहचान कर ली गई। यक्ष एप में अपराधियों की तीन कोणों से ली गई तस्वीरों का डेटा है, इसलिए पीड़ित ने अपराधियों की आसानी से पहचान कर ली। रात 9 बजे की घटना थी।
एसएसपी जौनपुर कुंवर अनुपम सिंह, एसपी सिटी आयुष श्रीवास्तव, एएसपी गोल्डी गुप्ता और एएसपी (यूटी) श्रुष्टि जैन ने यक्ष एप की मदद से अपराध को खेल की तरह सुलझा लिया।
यक्ष एप की एक बहुत ही रोचक विशेषता यह है कि प्रत्येक अपराधी को एक आपराधिक आईडी आवंटित की गई है, जिससे अब आपराधिक आईडी के आधार पर विभिन्न जिलों के बीच अपराधियों का विवरण साझा किया जा सकता है।
रजिस्टर नंबर आठ की खत्म हो गई उपयोगिता
डीआईजी वैभव कृष्ण ने बताया कि यक्ष एप यूपी पुलिस के सबसे बड़े नवाचारों में से है। खासियत यह है कि यह सीसीटीवी कैमरों की लोकेशन की पहचान कर सकता है और सिर्फ एक क्लिक से किसी खास जिले या पुलिस स्टेशन के सभी अपराधियों का विवरण दे सकता है।
घटनास्थल के क्षेत्र में अपराधों और अपराधियों का विवरण जानने के लिए घटनास्थल के गांव व कस्बे की ग्राम अपराध पुस्तिका ले जाने की पुरानी परंपरा अब एक तकनीकी समाधान से बदल गई है, जिसमें राज्यव्यापी अपराधियों का डेटा है। एक क्लिक पर अपराधियों का डेटा खुल जा रहा है।
जौनपुर पुलिस ने यक्ष एप से लूट, फायरिंग की घटना का पर्दाफाश किया। अपराधियों की गिरफ्तारी में सफलता मिली है। - वैभव कृष्ण, डीआईजी रेंज, वाराणसी