Varanasi News : ऐसे मामले में सीबीएसई के बच्चे ज्यादा हैं। मंडलीय मनोविज्ञान केंद्र में उन्हें समझाने का काफी प्रयास चल रहा है लेकिन वे अपनी बात पर अड़े हुए हैं। बातचीत प्यार-मोहब्बत के साथ ही दोस्त के लिए हुए विषय को ही लेकर पढ़ाई भी करना चाहते हैं।
जिस उम्र में बच्चों को किताबों से प्यार होना चाहिए, उस उम्र में बच्चे प्यार के चक्कर में जीने मरने की कसम खा रहे हैं। स्कूलों में काउंसलर की काउंसलिंग में ऐसे कई मामले सामने आए हैं। आठवीं में पढ़ाई कर रहे बच्चों से बात करने पर भी इस बात की जानकारी मिली।
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मंडलीय मनोविज्ञान केंद्र में भी अभिभावक अपने बच्चों को लेकर पहुंच रहे हैं। जहां काउंसलिंग में उन्हें समझाया जा रहा है कि अभी इन सब से दूर रहना चाहिए, लेकिन वह मानने को तैयार नहीं है। ऐसी स्थिति में वह अपने माता-पिता से भी दूरी बना रहे हैं।
मंडलीय मनोविज्ञान केंद्र के प्रवक्ता जितेंद्र कुमार ने बताया कि 13 से 19 साल के बच्चे की भी काउंसलिंग की गई, जिसमें ये मामले सामने आए हैं। बताया कि 35 प्रतिशत बच्चों में ये मामले देखने को मिल रहे हैं। सीबीएसई स्कूल इसमें आगे हैं। जिन स्कूलों में लड़के और लड़कियां साथ बैठकर पढ़ाई करते हैं, वहां इसकी संख्या ज्यादा है।
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बताया कि 15 फरवरी से सीबीएसई और यूपी बोर्ड की परीक्षा 22 फरवरी से होगी। स्कूलों में काउंसलिंग शुरू की गई है, साथ ही केंद्र पर भी लोग फोन कर अपने सवाल पूछ रहे हैं।
दोस्त के लिए ले लिया गणित : काउंसलिंग में सामने आया कि दोस्त ने गणित विषय ले लिया है। साथ बैठने के लिए उसने भी गणित ले लिया। अब गणित में परेशानी हो रही है और काउंसलर के पास पहुंच रहे हैं।