Varanasi News : वाराणसी के पहड़िया अपार्टमेंट में हुई इस सनसनीखेज मामले की जांच अब कैंट थानाध्यक्ष करेंगे। मामले का मुख्य आरोपी निलंबित इंस्पेक्टर परम हंस गुप्ता और उसका दोस्त धर्मेंद्र कुमार चौबे है। यह मामला गत 14 नवंबर को दर्ज हुआ था लेकिन पुलिस के हाथ अभी तक खाली हैं।
वाराणसी के पहड़िया स्थित रुद्रा हाइट्स अपार्टमेंट के एक फ्लैट से 41 लाख रुपये की लूट के संबंध में सारनाथ थाने में दर्ज मुकदमे की विवचेना कैंट थानाध्यक्ष राजकुमार शर्मा को सौंप दी गई है। कैंट थानाध्यक्ष ने मुकदमे की विवेचना शुरू कर दी है।
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इस मुकदमे का मुख्य आरोपी निलंबित इंस्पेक्टर परम हंस गुप्ता और उसका दोस्त धर्मेंद्र कुमार चौबे है। अहम बात यह भी है कि मुकदमा गत 14 नवंबर को दर्ज हुआ था। मगर, उसके नौवें दिन शुक्रवार को भी पुलिस दोनों का पता नहीं लगा सकी।
सारनाथ थाना क्षेत्र के पहड़िया स्थित रुद्रा हाइट्स अपार्टमेंट में गत सात नवंबर की आधी रात बाद एक इंस्पेक्टर अपने एक दोस्त के साथ गया था। इंस्पेक्टर का दोस्त खुद का परिचय मुख्यमंत्री के ओएसडी के रूप में दिया था। आरोप है कि अपार्टमेंट के एक फ्लैट में जुआ खेल रहे व्यापारियों को तगड़ी कानूनी कार्रवाई का भय दिखाकर दोनों मौके पर मिले 41 लाख रुपये समेट कर निकल गए थे।
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घटना से संबंधित सीसी फुटेज वायरल हुआ तो पुलिस आयुक्त ने तत्कालीन सारनाथ थानाध्यक्ष इंस्पेक्टर परम हंस गुप्ता को निलंबित कर दिया था। इस संबंध में एडीसीपी वरुणा जोन सरवणन टी ने बताया कि निलंबित इंस्पेक्टर सहित दोनों आरोपियों की तलाश में पुलिस टीमें लगी हुई हैं। मुकदमे की विवेचना कैंट थानाध्यक्ष कर रहे हैं।