40 वर्ष पुराने 600 रुपये के नुकसान के एक मामले में अदालत ने तीन सगे भाइयों को दोषी पाते हुए 400-400 रुपये का जुर्माना लगाया है। जुर्माना न देने पर एक वर्ष की सजा भुगतनी होगी। अदालत ने कहा कि सभी आरोपियों की उम्र 65 वर्ष से अधिक हैं। मामले में एक दीवार गिराए जाने का आरोप है। 40 वर्ष पुराना मामला है और मौके पर सुलह भी हो गया है। ऐसे में 400-400 रुपये अर्थदंड से दंडित करने पर न्यायिक आदेश की पूर्ति हो सकती है।
वाराणसी के चोलापुर थाना अंतर्गत मुर्दहा बाजार में आठ सितंबर 1980 की रात एक दीवार गिरा दी गई थी। वादी भोलानाथ का सात सगे भाइयों सहित आठ आरोपियों पर आरोप था कि सभी मौके पर आए ईंट-पटिया वाले मकान की दीवार गिरा दी। दीवार गिरने से 600 रुपये का नुकसान हुआ था। घटना के गवाह जब विरोध किए तो उन्हें जान से मारने की धमकी दी गई।
अपर सत्र न्यायाधीश द्वितीय अशोक सिंह यादव की अदालत ने रामलाल, श्यामलाल व रामदेव को दोषी पाया और 400-400 रुपये जुर्माने की सजा से दंडित किया। इन आरोपियों के अलावा बहादुर, शदूर, बचानू, बचाऊ को डकैती समेत अन्य आरोपों से दोषमुक्त कर दिया। वहीं अदालत में मुकदमे के विचारण के दौरान एक आरोपी राजदेव की मौत हो गई थी।