प्राचीन मूर्ति स्वयंभू ज्योतिर्लिंग लॉर्ड विश्वेश्वरनाथ की ओर से अदालत में मुकदमा दायर करने वाले वाराणसी के औरंगाबाद निवासी हरिहर पांडेय को फोन कर जान से मारने की धमकी दी गई है। हरिहर पांडेय की शिकायत के आधार पर उनकी सुरक्षा में एक गनर लगाया गया है।
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हरिहर पांडेय के अनुसार, बीती आठ अप्रैल को सिविल कोर्ट ने ज्ञानवापी परिसर के पुरातात्विक सर्वेक्षण का आदेश दिया था। देर शाम उनके मोबाइल पर एक कॉल आई। फोन करने वाले ने खुद को दालमंडी निवासी यासीन बताया। उसका कहना था कि पांडेय जी मुकदमें में आपने आदेश तो करा लिया है लेकिन एएसआई वाले ज्ञानवापी में घुस नहीं पाएंगे। आप और आपके सहयोगी मारे जाएंगे। नौ अप्रैल को उन्होंने इस धमकी की शिकायत पुलिस से की तो उन्हें सरकारी सुरक्षा मुहैया कराई गई।
हरिहर पांडेय ने बताया कि प्राचीन मूर्ति स्वयंभू ज्योतिर्लिंग लॉर्ड विशेश्वरनाथ की ओर से पंडित सोमनाथ व्यास, रामरंग शर्मा और उन्होंने बतौर वादी वर्ष 1991 में सिविल कोर्ट में मुकदमा दायर किया था। अदालत में मुकदमा दायर होने के कुछ वर्ष बाद पंडित सोमनाथ व्यास और रामरंग शर्मा की मौत हो गई थी। अब वही इस मुकदमे के पक्षकार के तौर पर बचे हुए हैं।
उधर, इस संबंध में एसीपी दशाश्वमेध अवधेश कुमार पांडेय ने बताया कि सर्विलांस की मदद से पुलिस ने तफ्तीश शुरू कर दी है। शिकायत के आधार पर हरिहर पांडेय को लक्सा थाने से सुरक्षा उपलब्ध करा दी गई है।