महादेव की नगरी काशी में सोमवार शाम मॉरीशस के प्रधानमंत्री प्रविंद जुगनाथ के साथ ही कुल 409 प्रवासी पहुंचे। काशी और मारीशस की जड़े काफी गहरी हैं। मारीशस में भगवान शिव के 170 मंदिर हैं। महाशिवरात्रि यहां के बड़े त्योहारों में शामिल है।
वहां गंगा तालाब पर करीब दो लाख लोग जुटते हैं। दालभरी पूड़ी और खीर से मेहमानों का स्वागत किया जाता है। तकरीबन हर घर में रामचरित मानस की प्रति होती है। मॉरीशस के प्रधानमंत्री भी मूल रूप से बलिया के रसड़ा के रहने वाले हैं। उनके पूर्वज रसड़ा से मॉरीशस गए थे।
काशी में गंगा नदी बहती हैं तो मारीशस में गंगा तालाब है। तालाब किनारे 108 फीट ऊंची भगवान शिव की प्रतिमा है। महाशिवरात्रि पर यहां सबसे ज्यादा भीड़ होती है। तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी अपने साथ एक टैंकर गंगा जल लेकर मॉरीशस गई थीं, जिसे गंगा तालाब में प्रवाहित किया गया था।
बताते हैं कि गंगा तालाब में समुद्र का पानी जाता है। तकरीबन हर हिंदू के घर के सामने हनुमान जी का मंदिर है और इसमें रात भर दिया जलता रहता है। भाषा की बात करें तो मॉरीशस में करीब 65 प्रतिशत लोग भोजपुरी भाषा जानते हैं।