भगवान पार्श्वनाथ की शोभायात्रा में शामिल महिलाएं।
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जैन धर्म के अष्टम तीर्थंकर चंद्र प्रभु का मना जन्म कल्याणक
जैन धर्म के आठवें तीर्थंकर भगवान चंद्रप्रभु का जन्म एवं तप कल्याणक दिवस चंद्र प्रभु की जन्मस्थली श्री चंद्रावती जी दिगंबर जैन तीर्थ क्षेत्र में मनाया गया। सर्वप्रथम भगवान का 108 कलशों से जलाभिषेक हुआ। उसके बाद संपूर्ण विश्व में शांति के लिए, सभी कष्टों के समाधान और सर्वांगीण विकास के लिए वृहद शांति धारा की गई।
उसके बाद भगवान चंदा प्रभु का पंचकल्याणक पूजन, देव शास्त्र गुरु पूजन हुआ। शाम को सांस्कृतिक कार्यक्रम के साथ भव्य आरती हुई। इस अवसर पर चंद्रावती जैन तीर्थ क्षेत्र के महाप्रबंधक श्री श्याद्वाद महाविद्यालय के पुस्तकालयाध्यक्ष सुरेंद्र कुमार जैन, तीर्थ क्षेत्र प्रबंधक पंकज जैन, मक्खन जैन, पिंशी यशस्वी जैन, कैलाश जैन, अमित जैन मौजूद रहे।