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Varanasi News: तीन किमी लंबी शोभायात्रा में चांदी के गजरथ पर निकले भगवान पार्श्वनाथ, सीएम मोहन ने किया नमन

Tue, 16 Dec 2025 06:20 AM IST
अमन विश्वकर्मा अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।

सार

Bhagwan Parshwanath: शोभायात्रा में सुसज्जित घोड़े पर समाज के बच्चे विराजमान थे और सजे-धजे विशाल रथ पर देवताओं के रूप में जैन दंपती जुलूस की शोभा बढ़ा रहे थे। एक हाथी प्रभु के विशाल रथ को खींच रहा था और पीछे-पीछे घोड़े चल रहे थे।
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जैन धर्म के 23वें तीर्थंकर भगवान पार्श्वनाथ की शोभायात्रा में शामिल लोग। - फोटो : संवाद
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विस्तार
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जैन धर्म के 23वें तीर्थंकर भगवान पार्श्वनाथ की तीन किलोमीटर लंबी शोभायात्रा निकली। सोमवार को मैदागिन से भेलूपुर तक श्रद्धालु भगवान के चांदी के रथ पर फूल बरसाते हुए चल रहे थे। भेलूपुर स्थित भगवान पार्श्वनाथ की जन्मस्थली पर रजत के 108 कलश से विश्व शांति के लिए पूजन और अभिषेक किया गया। शोभायात्रा का शुभारंभ मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने किया।

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इस दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि शोभायात्रा का शुभारंभ करना मेरा सौभाग्य है। मैं अपने को धन्य मानता हूं कि काशी की धरती पर भगवान पार्श्वनाथ की शोभायात्रा का शुभारंभ करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। जैन समाज की ओर से भगवान पार्श्वनाथ की शोभायात्रा विशाल चांदी के गजरथ पर प्रभु की प्रतिमा विराजमान कर ग्वाल दास साहू लेन स्थित पंचायती जैन मंदिर से निकाली गई। 

जिन रास्तों पर शोभायात्रा निकली दुकानदारों ने फूल बरसाकर प्रभु का स्वागत किया। तुमसे लागी लगन ले लो अपनी शरण मेटो मेटो जी संकट हमारा..., एक दिन जब मौत की शहजादी आएगी न सोना काम आएगा न चांदी काम आएगी... भजनों ने मोह लिया। शोभायात्रा बांसफाटक, जंगमबाड़ी, सोनारपुरा, भेलूपुर होते हुए प्रभु पार्श्वनाथ की जन्मस्थली पर पहुंचकर समाप्त हुई। जन्मस्थली पर मुख्य अतिथि असम के राज्यपाल लक्ष्मण आचार्य भी पूजन पाठ में शामिल हुए। संचालन कार्यक्रम संयोजक राकेश जैन ने किया।
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राज्य मंत्री रविंद्र जायसवाल ने कहा कि प्रदेश सरकार बहुत गंभीरता से काशी में स्थित जैन तीर्थ का विकास करने पर मंथन कर रही है। बहुत जल्द प्रदेश सरकार द्वारा लिए गए निर्णय का लाभ काशी को मिलने वाला है। स्वागत समाज के अध्यक्ष ऋषभ चंद्र जैन ने किया। कार्यक्रम का नेतृत्व उपाध्यक्ष संजय जैन, प्रधानमंत्री प्रदीप जैन ने किया। संचालन में सहयोग विनोद जैन, सौरभ जैन, आलोक जैन, श्रुति जैन, प्रमिला सांवरिया ने किया।

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भगवान पार्श्वनाथ की शोभायात्रा में शामिल महिलाएं। - फोटो : संवाद
जैन धर्म के अष्टम तीर्थंकर चंद्र प्रभु का मना जन्म कल्याणक
जैन धर्म के आठवें तीर्थंकर भगवान चंद्रप्रभु का जन्म एवं तप कल्याणक दिवस चंद्र प्रभु की जन्मस्थली श्री चंद्रावती जी दिगंबर जैन तीर्थ क्षेत्र में मनाया गया। सर्वप्रथम भगवान का 108 कलशों से जलाभिषेक हुआ। उसके बाद संपूर्ण विश्व में शांति के लिए, सभी कष्टों के समाधान और सर्वांगीण विकास के लिए वृहद शांति धारा की गई। 

उसके बाद भगवान चंदा प्रभु का पंचकल्याणक पूजन, देव शास्त्र गुरु पूजन हुआ। शाम को सांस्कृतिक कार्यक्रम के साथ भव्य आरती हुई। इस अवसर पर चंद्रावती जैन तीर्थ क्षेत्र के महाप्रबंधक श्री श्याद्वाद महाविद्यालय के पुस्तकालयाध्यक्ष सुरेंद्र कुमार जैन, तीर्थ क्षेत्र प्रबंधक पंकज जैन, मक्खन जैन, पिंशी यशस्वी जैन, कैलाश जैन, अमित जैन मौजूद रहे।

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