प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को वाराणसी में रोड शो और गंगा आरती के बाद प्रबुद्धजनों को संबोधित किया। पीएम ने कैंटोमेंट स्थित होटल में प्रबुद्धजनों से संवाद किया। बोले, पांच साल में काशी से मिला प्यार अविस्मरणीय है।
काशी महान मनीषियों भगवान बुद्ध, तुलसीदास और रविदास की धरती है। यहां जब जब आते हैं तो उनका संबंध सिर्फ मतपत्रों तक सीमित नहीं है। यहां के लोगों से हमारा दिल का नाता है। हम यहां के सुख-दुख में बराबर के भागीदार हैं।
पीएम ने कहा, पूरा देश बदलाव महसूस कर रहा है। नया भारत आतंकियों का मुंहतोड़ जवाब दे रहा है। हमारा रास्ता और रफ्तार सही है। विरोधी भी हमारा लोहा मानते हैं। वजह यह है कि काशी स्वास्थ्य सुविधाओं का केंद्र बन रहा है। बनारस से लटके हुए तार गायब हो रहे हैं। रेलवे स्टेशनों को सुधारने के साथ ही यहां सुविधाएं भी बढ़ाई गई हैं।
आतंकवाद के मुद्दे पर कांग्रेस पर निशाना साधते हुए पीएम मोदी ने कहा कि पिछले पांच वर्षों में भारत के किसी शहर, किसी पवित्र संस्थान या मंदिर पर कोई आतंकी हमला नहीं हो सका है। इतना बड़ा कुंभ का मेला सुख शांति के साथ देश ने अनुभव किया। जम्मू-कश्मीर में आतंकी अब बहुत थोड़े से दायरे में सिमट कर रह गए हैं।
पुलवामा में उन्होंने हमारे 40 जवानों को शहीद किया था, इस हमले के बाद उसी क्षेत्र में अब तक 42 आतंकियों को ठिकाने लगाया जा चुका है। यह हमारे काम करने का तरीका है।
उन्होंने कहा कि 5 वर्ष पहले जब काशी की धरती पर मैंने कदम रखा था तब मैंने कहा था कि मां गंगा ने मुझे बुलाया है। मैया ने ऐसा दुलार दिया, काशी के बहन-भाइयों ने इतना प्यार दिया कि बनारस के फक्कड़पन में ये फकीर भी रम गया। ये मेरा सौभाग्य है कि काशी कि वेद परंपरा को ज्ञान के विश्लेषण व तार्किक अनुभवों से जुड़ सका।
उन्होंने कहा, काशी ने मुझे सिर्फ एमपी नहीं पीएम बनने का आशीर्वाद दिया। मुझे 130 करोड़ भारतीयों के विश्वास की ताकत दी। समर्थ, सम्पन्न और सुखी भारत के लिए विकास के साथ-साथ सुरक्षा अहम है। साथियो, मेरा ये मत रहा है कि परिवर्तन तभी सार्थक और स्थायी होता है, जब जन-मन बदलता है।