काशी और गोरखपुर क्षेत्र की पांच लोकसभा सीटें ऐसी हैं, जहां प्रत्याशी जीत की हैट्रिक लगाने के इरादे से उतर रहे हैं। इनमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का नाम भी शामिल है। भाजपा ने उन्हें तीसरी बार वाराणसी लोकसभा सीट से प्रत्याशी बनाया है। इसी तरह दो लोकसभा सीटें ऐसी हैं, जहां से भाजपा प्रत्याशी तीन बार चुनाव जीत चुके हैं।
अब चौथी बार चुनाव मैदान में हैं। हालांकि जीत की हैट्रिक पर अंतिम मुहर मतदाताओं को ही लगाना है। यह दांव कितना कारगर होगा, यह चार जून को मतगणना के साथ ही साफ हो सकेगा।
चंदौली लोकसभा सीट छोड़ दी जाए तो पिछले चुनाव में ज्यादातर प्रत्याशियों के जीत का अंतर एक लाख से ज्यादा था।
वाराणसी संसदीय सीट से तीसरी बार चुनाव मैदान में उतरे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 45.22 फीसदी वोटों के अंतर से चुनाव जीते थे, जो पूर्वांचल में जीत का सर्वाधिक अंतर था। भाजपा ने ज्यादातर प्रत्याशियों के नाम तय कर दिए हैं। अपना दल एस की राष्ट्रीय अध्यक्ष अनुप्रिया पटेल का भी मिर्जापुर से तीसरी बार चुनाव लड़ना लगभग तय है।
महराजगंज: पंकज चौधरी नौंवी बार लड़ेंगे चुनाव, दूसरी बार हैट्रिक का मौका
पूर्वांचल की महराजगंज संसदीय सीट से भाजपा प्रत्याशी और केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी वैसे तो नौंवी बार चुनाव लड़ेंगे, लेकिन इस बार जीत की हैट्रिक लगाने का मौका है। वह 2014 और 2019 का लोकसभा चुनाव जीतकर संसद पहुंचे थे। इससे पहले 1991, 1996 और 1998 के लोकसभा चुनाव में जीत मिली थी।
इसी संसदीय सीट से उन्हें 2004 के चुनाव में भी जीत मिली थी। हालांकि 1999 और 2009 के लोकसभा चुनाव में पंकज को हार का सामना करना पड़ा था। अब नौंवी बार चुनाव मैदान में हैं। उनके पास जीत की हैट्रिक लगाने का दूसरा मौका है।
चौथी बार चुनाव मैदान में कमलेश पासवान-जगदंबिका पाल
पूर्वांचल की बांसगांव सुरक्षित संसदीय सीट से भाजपा प्रत्याशी कमलेश पासवान चौथी बार चुनाव मैदान में हैं। 2019 के चुनाव में कमलेश ने जीत की हैट्रिक लगाई थी। इसी संसदीय सीट से कमलेश की मां सुभावती पासवान भी चुनाव जीत चुकी हैं। इसी तरह सिद्धार्थनगर की डुमरियागंज लोकसभा सीट से जगदंबिका पाल चौथी बार मैदान में हैं। 2009 में वह कांग्रेस के टिकट पर जीते थे। 2014 और 2019 का चुनाव भाजपा के टिकट पर जीते हैं। इस बार फिर चुनाव लड़ रहे हैं।
वाराणसी में जीत का अंतर
| साल |
पार्टी |
जीत का अंतर |
| 2014 |
भाजपा (नरेंद्र मोदी) |
3,71,784 |
| 2019 |
भाजपा (नरेंद्र मोदी) |
4,79,505 |
चंदौली में जीत का अंतर
| साल |
पार्टी |
जीत का अंतर |
| 2014 |
भाजपा (डॉ. महेंद्र नाथ पांडेय) |
1,56,756 |
| 2019 |
भाजपा (डॉ. महेंद्र नाथ पांडेय) |
13,959 |
मिर्जापुर में जीत का अंतर
| साल |
पार्टी |
जीत का अंतर |
| 2014 |
अपना दल (अनुप्रिया पटेल) |
2,19,089 |
| 2019 |
अपना दल (अनुप्रिया पटेल) |
2,32,008 |
सलेमपुर में जीत का अंतर
| साल |
पार्टी |
जीत का अंतर |
| 2014 |
भाजपा (रवींद्र कुशवाहा) |
2,32,342 |
| 2019 |
भाजपा (रवींद्र कुशवाहा) |
1,12,615 |