सांकेतिक तस्वीर
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जाति की बात छोड़ें, करें विकास पर फोकस :
ज्ञानपुर के जिम संचालक और व्यवसायी सुभाष मोदनवाल कहते हैं कि कम से कम नई पीढ़ी को तो देश के विकास के प्रति संजीदगी दिखानी चाहिए। जाति की बात छोड़ विकास पर फोकस करना चाहिए। तात्कालिक लाभ की राजनीति ने आंखों पर पर्दा डाल दिया है। हालांकि अब धीरे-धीरे पर्दा हट रहा है। दूधनाथ मंदिर के समीप चाय की दुकान चलाने वाले जज्जू यादव कहते हैं- ‘भइया सबही लोग बिरादरी देख रहे हैं...तो काहे और कोई पीछे रहे...। जब तक चल रहा है, तब तक तो चलबै करिहे...।’ भिड़िउरा गांव के प्रमोद दुबे कहते हैं कि राजनीतिक दलों का सीट जीतने का पूरा गणित जाति आधारित ही रहता है। वे ज्यादातर बाहरी प्रत्याशी थोपते रहे हैं। यहां की समस्याएं तो कभी चुनावी मुद्दा बन ही नहीं पाईं।