चुनाव से ठीक पहले कांग्रेस ने पूर्वांचल में पार्टी की मजबूती के लिए प्रियंका गांधी को सक्रिय राजनीति में उतारा। प्रियंका ने जिम्मेदारी स्वीकारते हुए होली से पहले प्रयागराज से वाराणसी तक गंगा यात्रा की और फिर अंतिम चरण के मतदान से ठीक पहले वाराणसी और मिर्जापुर में रोड शो किया। यह भी चर्चा चली कि वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ प्रत्याशी होंगी। उन्होंने खुद भी रायबरेली से लेकर वायनाड तक इस बात को हवा दी।
प्रत्याशी चयन में हुई देरी
बाद में प्रियंका के चुनाव लड़ने की बात खारिज हुई और 25 अप्रैल को पूर्व विधायक अजय राय को प्रत्याशी बनाया गया। प्रत्याशी चयन में इतना विलंब हुआ कि ना तो पार्टी और ना ही प्रत्याशी को प्रचार के लिए पर्याप्त समय मिला। यह भी कांग्रेस पर भारी पड़ा। ठीक ऐसे ही 2014 में भी अजय राय के नाम की घोषणा काफी देर से की गई थी।