स्वामी ने कहा कि वह 17 मई तक काशी की सड़कों पर भ्रमण करेंगे। जनता को जागरूक कर लोकतंत्र बचाने का हर संभव प्रयास करेंगे। इस समय देश में तानाशाही चल रही है। यदि सभी विपक्षी दल एक हो जाएं और मतभेद भुलाकर तानाशाही को मिटाएं तो हम समर्थन करेंगे। यदि विपक्षी दल एक न हों तो हम मतदान का बहिष्कार करेंगे और लोगों से भी अपील करेंगे कि वे भी मतदान का बहिष्कार करें।
आरोप लगाया कि काशी का प्रशासन ऊपरी इशारे पर काम कर रहा है। प्रधानमंत्री के सामने सामान्य व्यक्ति खड़ा न हो सके, ऐसा करना सर्वथा अनुचित है। यह अन्याय केवल हमारे प्रत्याशी के साथ नहीं, अपितु कई निर्दल प्रत्याशियों के साथ हो रहा है।