उधर, अपनी बर्खास्तगी पर ओमप्रकाश राजभर ने कहा कि यह तो होना ही था। भाजपा की ओर से उनके संगठन को कोई सम्मान नहीं दिया जा रहा था। उन्होंने कहा कि पिछड़ा वर्ग के लिए आवाज उठाना भाजपा को नागवार गुजरा। कहा कि मैं पिछड़ा वर्ग के लिए संघर्षरत था और आगे भी रहूंगा।
मालूम हो है कि सुभासपा अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर के प्रति भाजपा की नाराजगी उस समय तय हो गई जब बेल्थरारोड के सकलदीप राजभर को राज्यसभा सांसद बना दिया गया था। इस बीच ओमप्रकाश को भी लगने लगा था कि अपनी ही बिरादरी के बीच उनकी साख कम करने की यह भाजपा की चाल है।
इसके बाद से ही ओमप्रकाश ने आरक्षण का मामला उठा दिया और मंच से भाजपा पर जुबानी हमला करने का एक भी मौका नहीं छोड़ा। इसके बाद शुरू हुआ आमचुनाव का दौर और इसमें भाजपा को लोकसभा चुनाव में जितनी मुश्किल विपक्ष से नहीं हुई उससे ज्यादा टीस सुभासपा अध्यक्ष और योगी सरकार के मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने दे दी।
पूर्वांचल में अब सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी का भाजपा से रिश्ता बिगड़ने के बाद पूर्वांचल में सुभासपा नए सिरे से सियासी समीकरणों में जुट गई है। पार्टी के अंदरूनी सूत्रों के अनुसार पार्टी कार्यकर्ताओं में भाजपा के खिलाफ रोष है लिहाजा पार्टी आने वाले समय में भाजपा के खिलाफ पूर्वांचल में मोर्चा खोलेगी।