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लोहिया आवास में गड़बड़ी की जांच के निर्देश

Wed, 28 Dec 2016 02:13 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, वाराणसी
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लाो‌िहहिया अाआवास
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अर्जुनपुर समेत ब्लॉक के आधा दर्जन गांवों में लोहिया आवास के निर्माण में चल रहे खेल की खबर ‘अमर उजाला’ में प्रकाशित होने के बाद संबंधित अधिकारियों, कर्मचारियों और ग्राम प्रधानों में खलबली मची है। इसी बीच मामले को गंभीरता से लेते हुए प्रदेश के लोक निर्माण एवं सिंचाई राज्यमंत्री सुरेंद्र पटेल ने मंगलवार को सर्किट हाउस में डीएम समेत जिले के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक की। लोहिया आवास में चल रहे गोलमाल की जांच के लिए डीएम को अधिकारियों की टीम गठित करने के निर्देश दिए। कहा कि सरकारी योजनाओं में किसी भी प्रकार की बेपरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मामले की जल्द से जल्द जांच कराकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।
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वहीं, मंगलवार को आननफानन में ग्राम प्रधानों ने लाभार्थियों को उनकी बैंक पासबुक लौटा दी। हालांकि गोलमाल की बात यहीं खत्म नहीं होती। अब पता चला है कि लाभार्थियों के खाते में पैसा होने के बावजूद आवासों के निर्माण के लिए उधार पर सामग्री मंगवाई जा रही थी। उधर, अर्जुनपुर के ग्राम पंचायत अधिकारी रामनरेश सोनकर मंगलवार को बार-बार बयान बदलते रहे। उनका कहना था कि दो-दो गाड़ी सेम ईंटें (दोयम दर्जे की) शौचालय के गड्ढे में इस्तेमाल के लिए मंगवाई गई थी। यह पूछने पर कि क्या गड्ढे के लिए इतनी मात्रा में ईंटों की जरूरत पड़ती.., वे बगलें झांकने लगे। सोमवार को उन्होंने कहा था कि घटिया ईंटें वापस करा दी गईं। वे अपने ही बयान में उलझे हुए हैं। उधर, अर्जुनपुर के ग्राम प्रधान विद्या शंकर पटेल का कहना है कि लोहिया आवासों के लिए दोयम दर्जे की ईंटें सेक्रेटरी ने गिरवाई थी। उन्होंने वापस करा दी थीं।


खास बात यह कि सेवापुरी स्थित बैंक ऑफ बड़ौदा के शाखा प्रबंधक एके श्रीवास्तव के मुताबिक अर्जुनपुर के लोहिया आवास के लगभग सभी लाभार्थियों के खाते में पहली किस्त धनराशि पड़ी हुई है। उधर, खाते से पैसा निकाले बगैर प्रधान और ग्राम पंचायत अधिकारी उधार पर निर्माण सामग्री मंगवा रहे हैं। ऐसा क्यों किया जा रहा है, इसका जवाब किसी के पास नहीं।
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