जिस कारण इन्हें गायों के लिए चोकर आदि की व्यवस्था करना भी भारी पड़ रहा है। वहीं बूढ़नपुर तहसील के लेदौरा स्थित पराग डेयरी की हालत भी खस्ता हो गई है। यहां भी दूध की आमद बहुत कम हो गई है। पहले यहां प्रतिदिन लगभग तीन हजार लीटर दूध आता था वर्तमान में यहां 1500 लीटर ही दूध आ रहा है।
किसानों का आरोप है कि जब डेयरी खुली तो हम किसानों को इससे बड़ी उम्मीद थी कि हम किसानों को हमारे दूध का अच्छी कीमत मिलेगी। लेकिन जहां बाजार में गाय के दूध की कीमत 35 रुपये और भैंस के दूध की कीमत 45 रुपये है वहीं डेयरी पर उन्हें गाय के दूध की कीमत 25 रुपये और भैंस के दूध की कीमत 30 रुपये मिलती है। जिसके कारण किसान डेयरी पर दूध नहीं देने की बजाए गायों के पिला रहे हैं।
पशुपालक लालजी का कहना है कि हम किसानों को डेयरी से लाभ नहीं मिल रहा है। डेयरी से अच्छा रेट दुकानदारों द्वारा हमारे दूध का मिलता है। डेयरी द्वारा 25 रुपये गाय का दूध और 30 रुपये भैंस का दूध लिया जाता है। वहीं दुकानदारों व ग्वालों द्वारा हमसे 35 रुपये गाय का और 40 रुपये प्रति लीटर की दर से भैंस का दूध लिया जाता है। जिसके कारण हम डेयरी पर दूध नहीं देते हैं।