लोन की किश्तें आरोपी के वेतन खाते से कटनी थीं, लेकिन खाते से किश्तें नहीं आईं। बैंक की जांच में पता चला कि विजय कुमार राय रेलवे कर्मचारी नहीं है। उसके द्वारा प्रस्तुत पे-स्लिप और अन्य दस्तावेज भी रेलवे विभाग की ओर से जारी नहीं किए गए थे। इसके बाद बैंक प्रबंधन ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। तहरीर के आधार पर चंदौली कोतवाली में आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी और कूटरचित दस्तावेज तैयार करने समेत संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की गई।
विवेचना के दौरान पुलिस, साइबर और सर्विलांस टीम ने आरोपी की तलाश शुरू की। बुधवार को उसे गिरफ्तार कर लिया गया। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह कानपुर में रहकर निजी काम करता था। उसने रेलवे कर्मचारी बनकर फर्जी पे-स्लिप, रेलवे विभाग का प्रमाणपत्र और अन्य कागजात तैयार किए थे। इन्हीं दस्तावेजों के आधार पर उसने एसबीआई चंदौली से 20 लाख रुपये का पर्सनल लोन लिया था।
गिरफ्तार आरोपी की पहचान विजय कुमार राय (42) निवासी ग्राम चुकती, थाना मान्सी, जिला खगड़िया, बिहार के रूप में हुई। वर्तमान में वह बारो कादिरचक, वार्ड नंबर 23, थाना फुलवरिया, जिला बेगूसराय, बिहार में रह रहा था। आरोपी को न्यायालय में पेश कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।