Varanasi News: बीएचयू के छात्रों का कहना है कि फीस वृद्धि की तमाम छात्र-छात्राओं को जानकारी ही नहीं हो पाई। नए आने वाले छात्र-छात्राओं ने पहले के फी स्ट्रक्चर के बारे में पता न होने के कारण बिना कोई प्रश्न किए भुगतान कर दिया। पुराने छात्रों में जिन लोगों ने फीस जमा नहीं की थी, उन्हें इसकी जानकारी नहीं हो पाई। जैसे-जैसे पुराने छात्र फीस जमा करने पहुंच रहे हैं, वैसे-वैसे उन्हें फीस वृद्धि का पता चल रहा है।
सर्व विद्या की राजधानी काशी हिंदू विश्वविद्यालय के हॉस्टल छात्र-छात्राओं के लिए पहले से ज्यादा महंगे हो गए हैं। ओल्ड हॉस्टल के कमरों के लिए पहले जहां लगभग 3180 रुपये प्रतिवर्ष बतौर फीस लिए जाते थे, वहीं अब यह शुल्क बढ़कर 4750 रुपये हो गया है।
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न्यू हॉस्टल के लिए जहां पहले 3680 रुपये लिए जाते थे, जो अब 5250 रुपये लिए जा रहे हैं। लगभग 15 साल बाद हॉस्टल फीस में कुल शुल्क के लगभग 50 फीसदी वृद्धि हो गई है। हालांकि यह फीस वर्ष 2022 में की गई थी, जिसकी जानकारी तमाम छात्रों को नहीं हो पाई थी।
बीएचयू के ओल्ड और न्यू हॉस्टल भवनों के कमरों के लिए अलग-अलग शुल्क का प्रावधान है। ओल्ड हॉस्टल के लिए नए बने हॉस्टल के मुकाबले कम शुल्क का भुगतान करना पड़ता है। नए सत्र में प्रवेश लेने वाले छात्र-छात्राओं को पहले ओल्ड हॉस्टल के कमरों के लिए 3180 रुपये शुल्क देने पड़ते थे। जबकि नए कमरों के लिए 3680 रुपये अदा करने पड़ते थे।
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यह शुल्क वर्ष 2007 से चल रहा था। बीच-बीच में विश्वविद्यालय प्रशासन ने शुल्क में वृद्धि करने की योजना बनाई, लेकिन छात्र-छात्राओं के विरोध के चलते कामयाबी नहीं मिल पाई। 2014 में एक बार हॉस्टल शुल्क में की गई बढ़ोतरी छात्रों के विरोध के कारण विश्वविद्यालय प्रशासन को वापस लेना पड़ा था। मगर, 2022 में विश्वविद्यालय प्रशासन ने ओल्ड और न्यू हॉस्टलों के कमरों की फीस में 1570-1570 रुपये की वृद्धि कर दी।
बोले अधिकारी
वर्ष 2007 के बाद 2022 में हॉस्टल की फीस बढ़ाई गई है। विश्वविद्यालय के ज्यादातर छात्र-छात्राएं फीस जमा भी कर रहे हैं। कुछ बच्चे ही विरोध कर रहे हैं। - प्रो. एके नेमा, छात्रा अधिष्ठाता बीएचयू