वैभव जायसवाल ने कफ सिरप तस्करी मामले में भगोड़ा शुभम जायसवाल के नाम से धमकी दी। कहा कि एसटीएफ जिस माफिया को ढूंढ रही है, उससे उसके संबंध हैं। वैभव ने पैसे मांगने या शराब की आपूर्ति रोकने पर जान से मारने की धमकी भी दी। 25 मार्च 2026 को वैभव ने चौकाघाट पानी की टंकी के पास बुलाया। वहां शिवांगी और राधिका जायसवाल भी थीं।
बकाया रुपये मांगने पर बंधक बनाकर बुरी तरह पीटा गया। अगले दिन जब पीड़ित वहां से भागने लगा तो वैभव ने जान से मारने की नीयत से गोली चला दी, जिसमें वह बाल-बाल बचा। घटना के बाद आरोपी पीड़ित के घर और दुकान पर आकर पुलिस में शिकायत करने पर पूरे परिवार को खत्म करने की धमकियां दे रहे हैं। मंडुवाडीह थाना प्रभारी दिगंबर उपाध्याय ने बताया कि आरोपी वैभव जायसवाल पहले से जेल में बंद है। पत्नी शिवांगी और मां राधिका की गिरफ्तारी को लेकर दबिश दी जा रही है।
शुभम की ब्लैकमनी को शराब में खपाने का आरोप
दारानगर निवासी वैभव जायसवाल को कोतवाली पुलिस ने 31 मार्च को गिरफ्तार किया था। उस पर शुभम जायसवाल के साथ जुड़कर ब्लैकमनी को व्हाइट करने का आरोप है। हवाला कारोबार में भी वैभव शामिल था। शुभम जायसवाल के इनर सर्किल में शामिल वैभव ने कफ सिरप तस्करी से अर्जित रकम को शुभम के बताए ठिकानों और लोगों तक पहुंचाया। शुभम की बदौलत वैभव ने अपनी पत्नी शिवांगी और मां राधिका के नाम पर शराब के ठेके लिए थे। गिरफ्तारी के बाद आबकारी ने उन छह ठेकों को निरस्त कर दिया है। रोहनिया, खोजवा, सिगरा इलाके में शराब के ठेके थे। वैभव की नाटी इमली-काटनमिल रोड पर बर्तन की दुकान भी है।