यूपी के बलिया में बिजली विभाग की लापरवाही एक प्राइवेट लाइनमैन की जिंदगी पर भारी पड़ गई। खंभे पर चढ़ कर काम करने के दौरान ही करंट आने से उसकी मौत हो गई। लापरवाही की हद तब हो गई जब लाइनमैन का शव तीन घंटे ऐसे ही पोल के सहारे लटका रहा।
इसकी सूचना मिलते ही काफी संख्या में ग्रामीण पहुंच गए तथा हो हंगामा शुरू कर दिए। परिजनों ने मौत की वजह विद्युत विभाग की लापरवाही मानते हुए नारेबाजी करते हुए भीमपुरा-बरौली मार्ग जाम कर दिया।
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वह दोषियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के साथ-साथ मृतक की पत्नी को नौकरी और मुआवजों की मांग कर रहे थे। घटना की सूचना मिलने पर सीओ रसड़ा अवधेश चौधरी मौके पर पहुंचे और जाम को समाप्त कराने का प्रयास किये, लेकिन परिजन अपनी मांगों पर अड़े रहे। विभागीय व उच्चाधिकारियों को बुलाने की मांग को लेकर देर शाम तक जाम लगा रहा।
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अगर होता शट डाउन तो बच सकती थी जान
आक्रोशित ग्रामीणों ने भीमपुरा-बरौली मार्ग किया घंटो जाम
- फोटो : अमर उजाला
भीमपुरा थाना क्षेत्र के किड़ीहरापुर निवासी आलोक कुमार उर्फ धनु (30) रजईपुर विद्युत उपकेंद्र पर प्राइवेट लाइनमैन का कार्य करता था। सोमवार की दोपहर वह अवराइकला गांव में लाइन शट डाउन लेकर नहर पुलिया के समीप विद्युत पोल पर लाइन को बना रहा था।
इसी बीच दौरान विद्युत तार में करेंट आ गया, जिसकी जद में आने से उसकी मौके पर ही मौत हो गई। लाइनमैन का शव पोल पर करीब तीन घंटे लटका रहा। सूचना मिलने पर परिजन पहुंचे और लाइनमैन की मौत में विद्युत विभाग की लापरवाही मानते हुए उसकी पत्नी को नौकरी और मुआवजों की मांग करते हुए किड़ीहरापुर नहर पर भीमपुरा बरौली-मार्ग को जाम कर दिया।
घटना की सूचना मिलने पर पूर्व विधायक गोरख पासवान भी पहुंचे तथा समझाने का प्रयास किए। परिजन घटना स्थल पर उच्चाधिकारियों को बुलाने की मांग कर रहे थे। देर शाम तक जाम लगा रहा।
लाइनमैन की मौत से परिजनों का रो-रोकर बुराहाल था। उसकी पत्नी प्रतिमा, तीन वर्षीय पुत्री प्रीति व डेढ़ वर्षीय पुत्र प्रियांशु को गोद में लेकर जाम स्थल पर बेहोश हो जा रही थी। वही अबोध बच्चे भीड़ को देख मां को निहारते हुए विलाप कर रहे थे।
अवराईकला में लाइनमैन आलोक कुमार उर्फ धनु की मौत से गुस्साए परिजनों व ग्रामीणों में बिजली विभाग के प्रति इतना आक्रोश बढ़ गया कि वे विद्युत उपकेंद्र रजईपुर पर पहुंच गए, वहां मौजूद एक लाइनमैन व दो अन्य व्यक्तियों को उठा लाये और घर पर बंधक बना लिया।
बंधक की जानकारी होने के बावजूद भी पुलिस मूकदर्शक बन खड़ी रही। बंधक लाइनमैन सहित दो अन्य को छुड़ा पाने में असमर्थ दिखी। घटना की जानकारी स्थल पर पहुंचने के बाद सीओ रसड़ा अवधेश चौधरी को भी हुई तो करीब दो घंटे बाद तीनों मुक्त कराकर थाने भेजवाया।