जिले के चर्चित रागिनी हत्याकांड में अपर सत्र एवं विशेष न्यायाधीश चंद्र भानु सिंह ने शुक्रवार को प्रधान कृपाशंकर तिवारी समेत चार अभियुक्तों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
सभी आरोपियों पर 50-50 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया। पांचवें आरोपी के नाबालिग होने के कारण उसका केस किशोर न्यायालय में चल रहा है।
बांसडीहरोड थाने के बजहां गांव निवासी जितेंद्र कुमार दुबे ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें बताया था कि आठ अगस्त 2017 को सुबह सात बजे उनकी पुत्री रागिनी (16) सलेमपुर स्थित संस्कार भारती विद्या मंदिर में पढ़ने जा रही थी।
इस दौरान कृपाशंकर तिवारी, प्रिंस उर्फ आदित्य तिवारी, नीरज तिवारी, सोनू तिवारी और राजू यादव ने उसका पीछा किया और बाइक से धक्का मारकर गिरा दिया।
सोनू तिवारी, नीरज और कृपाशंकर तिवारी ने रागिनी को पकड़ लिया। इसके बाद प्रिंस ने चाकू से रागिनी की गर्दन पर वार कर दिया। इससे रागिनी गंभीर रूप से जख्मी हो गई। उसे जिला अस्पताल लाया गया, जहां डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया था। ब्यूरो