वन विभाग की तरफ से चिरईगांव, गौराकला, रुस्तमपुर, बरियासनपुर, संदहा सहित 12 से अधिक गांवों में सर्च ऑपरेशन चलाया गया, लेकिन अभी तक वन विभाग को भी तेंदुआ नजर नहीं आया है। विभाग उसके पैरों के निशान पर उसकी पहचान कर रहा है। साथ ही तीन शिफ्टों में 50 से अधिक पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। ग्रामीण इलाकों में ट्रैप कैमरे लगाकर तेंदुए की तलाश शुरू कर दी है। वहीं, चंदौली के सपा सांसद वीरेंद्र सिंह ने तेंदुए के हमले में घायल लोगों से मुलाकात कर उनका हालचाल लिया।
तेंदुए के डर से किसान और मजदूर खेतों में काम करने नहीं जा रहे हैं। फल और फूलों की फसलें खराब हो रही हैं और बच्चे कोचिंग नहीं जा रहे हैं। शाम को खेल मैदान में भी कोई नहीं जा रहा है। डोर टू डोर ठेला पर सब्जी बेचने वाले भी अपना कारोबार बंद कर चुके हैं।
लोग अपने पशुओं को घरों में बांधने को मजबूर हैं और खेतों में गोल बनाकर हाथ में लाठी डंडा लेकर जा रहे हैं। ढाब क्षेत्र के मोकलपुर, रामचंदीपुर, गोबरहा, अम्बा छितौना आदि गांवों में सोता और गंगा किनारे तेंदुएं के पैरों के निशान व लोकेशन जानने का प्रयास होता रहा।