फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सावन का अंतिम सोमवार: काशी में उमड़ेगा कांवड़ियों का सैलाब, आज से डायवर्जन लागू; जान लें निकलने के रास्ते

Sun, 23 Aug 2026 04:15 PM IST
Aman Vishwakarma अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।

सार

सावन के अंतिम सोमवार पर बाबा विश्वनाथ के जलाभिषेक के लिए कांवड़ियों का पहुंचना शुरू हो गया है। रविवार रात से विश्वनाथ धाम में श्रद्धालुओं की कतार लगने लगेगी। कांवड़ियों की भीड़ को देखते हुए रूट डायवर्जन लागू है। मैदागिन से गोदौलिया तक नो व्हीकल जोन रहेगा, जबकि मोहनसराय से मंडुवाडीह तक एक लेन कांवड़ियों के लिए आरक्षित की गई है।
विज्ञापन
सावन के सोमवार से पहले काशी नगरी हुई बम-बम। - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

सावन के अंतिम सोमवार को बाबा विश्वनाथ के जलाभिषेक के लिए काशी में कांवड़ियों और श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ने की संभावना है। शनिवार से ही कांवड़ियों के आने का सिलसिला तेज हो गया। रविवार को श्रीकाशी विश्वनाथ धाम से लेकर मार्कंडेय महादेव मंदिर तक हर-हर महादेव के जयकारे गूंजेंगे। कांवड़ियों की भीड़ को देखते हुए शनिवार से ही यातायात डायवर्जन लागू कर दिया गया है।

विज्ञापन


मैदागिन से गोदौलिया तक मंगलवार सुबह आठ बजे तक नो व्हीकल जोन रहेगा। मंडुवाडीह से मोहनसराय तक एक लेन कांवड़ियों के लिए सुरक्षित की गई है। गोदौलिया और चौक की तरफ से श्रीकाशी विश्वनाथ धाम के गेट नंबर चार तक रविवार रात से ही श्रद्धालुओं की कतार लगने की संभावना है। इसे देखते हुए यातायात और सुरक्षा व्यवस्था को भी मजबूत किया गया है।

उधर, मार्कंडेय महादेव मंदिर में कांवड़ियों के जलाभिषेक का सिलसिला शनिवार रात से ही शुरू हो जाएगा। कांवड़िये मंदिर के आसपास बनाए गए शिविरों और धर्मशालाओं में पहुंचने लगे हैं। कांवड़ियों के जत्थे रात में गंगा-गोमती संगम पर स्नान करेंगे। इसके बाद मार्कंडेय महादेव का जलाभिषेक कर त्रिलोचन महादेव और फिर श्रीकाशी विश्वनाथ धाम की ओर रवाना होंगे।

विज्ञापन
विज्ञापन

अंतिम सोमवार को होने वाली भीड़ को देखते हुए श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर प्रशासन ने दर्शन और जलाभिषेक की व्यवस्था दुरुस्त कर ली है। मंदिर के सीईओ विश्वभूषण मिश्र ने बताया कि सावन में अब तक श्रद्धालु करीब 25 से 30 मिनट में जलाभिषेक कर पा रहे हैं। सोमवार को भी प्रयास रहेगा कि श्रद्धालुओं को ज्यादा देर तक कतार में इंतजार न करना पड़े और कम से कम समय में दर्शन हो सके।

बारिश और धूप से श्रद्धालुओं को बचाने के लिए धाम परिसर में भी जरूरी इंतजाम किए गए हैं। मंदिर प्रशासन और पुलिस की ओर से भीड़ प्रबंधन, सुरक्षा और यातायात व्यवस्था पर विशेष नजर रखी जाएगी। सावन के अंतिम सोमवार को काशी में लाखों श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें