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राष्ट्रकवि सुब्रह्मण्यम भारती की जयंती पर मनेगा भाषा दिवस

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केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने शुक्रवार को हनुमान घाट स्थित राष्ट्रकवि सुब्रह्मण्यम भारती के 100 साल पुराने घर (बुआ के घर) में भांजे और परिजनों से मुलाकात की और उन्हें निमंत्रण दिया। इस दौरान उन्होंने घोषणा की कि तमिल भाषा के महान साहित्यकार व राष्ट्रकवि सुब्रह्मण्यम भारती की जयंती अब भाषा दिवस के रूप में मनाई जाएगी। राष्ट्रकवि की जयंती 11 दिसंबर को मनाई जाती है। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि पीएम के संसदीय क्षेत्र में होने वाला काशी-तमिल संगमम अद्भुत और ऐतिहासिक होगा। शिक्षा मंत्री ने इससे पहले पूर्व राष्ट्रपति आर वेंकटरमन द्वारा स्थापित सुब्रह्मण्यम भारती की प्रतिमा पर माल्यार्पण के बाद हाथ जोड़कर नमन किया।
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काशी हिंदू विश्वविद्यालय में तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। प्रधानमंत्री आज इसका उद्घाटन करेंगे और दो घंटे यहां रहेंगे। वहीं, संगमम की तैयारियों का जायजा लेने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान शुक्रवार को बीएचयू स्थित कार्यक्रम स्थल पहुंचे। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि हमारी महान संस्कृतियों के बीच एकता और समानता का ही उत्सव है। संस्कृतियों और संस्कारों के संगमम के तहत ही आज काशी में महाकवि सुब्रह्मण्यम भारती के 96 वर्षीय भांजे केवी कृष्णन व उनके परिवार से मिलने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। परिजनों से मिलकर धन्य हो गया। कहा कि अब तक के सबसे महान तमिल साहित्यकारों में से एक, महाकवि भारती का हनुमान घाट स्थित घर ज्ञान का केंद्र और पावन तीर्थ है। सामाजिक न्याय और महिला सशक्तिकरण पर सुब्रह्मण्यम भारती की रचनाएं आज भी प्रासंगिक हैं। केवी कृष्णन के बच्चे और पौत्र आज भी महाकवि भारती की विरासत न सिर्फ संरक्षित किए हुए हैं बल्कि उसे पूरी सेवा भाव से आगे ले जा रहे हैं। जयंती, हेमा, रवि और संतोष से मिलकर खुशी भी हुई और गर्व भी हुआ।
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